पोलैंड के कॉम्पिटिशन वॉचडॉग UOKiK ने Alphabet की Google के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि कंपनी ने मीडिया पब्लिशर्स के साथ पेमेंट डील्स के दौरान जरूरी डेटा साझा नहीं किया, जिससे बाजार में असमानता पैदा हुई है।
पोलैंड के Office of Competition and Consumer Protection (UOKiK) ने Google पर अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। यह जांच इस बात पर केंद्रित है कि सर्च इंजन और न्यूज एग्रीगेटर्स पर पब्लिशर्स के कंटेंट को दिखाने के लिए दी जाने वाली पेमेंट को लेकर गूगल पारदर्शिता क्यों नहीं बरत रहा है।\n\n### जानकारी छुपाने का आरोप\n\nपोलैंड के 2024 के कॉपीराइट कानून के तहत, पब्लिशर्स को उनके काम का उचित मुआवजा मिलना अनिवार्य है। रेगुलेटर का कहना है कि गूगल ने पब्लिशर्स से वह जरूरी डेटा छुपाया, जिसकी मदद से वे अपने कंटेंट की सही वैल्यू आंक सकते थे। इस 'इन्फॉर्मेशन इम्बैलेंस' के कारण पब्लिशर्स को मजबूरन गूगल की शर्तों पर समझौता करना पड़ा, जिसे रेगुलेटर एंटी-कॉम्पिटिटिव मान रहे हैं।\n\n### निवेशकों के लिए बड़ा रिस्क\n\nअगर यह जांच गूगल के खिलाफ जाती है, तो कंपनी को अपने सालाना टर्नओवर का 10% तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। यह केवल एक मामला नहीं है, बल्कि यूरोप में अल्फाबेट (Alphabet) के सामने बढ़ती कानूनी चुनौतियों का हिस्सा है। कंपनी पहले से ही यूरोपीय आयोग (European Commission) की कई जांचों का सामना कर रही है।\n\nहाल ही में जुलाई 2026 में, Digital Markets Act (DMA) के उल्लंघन के चलते गूगल पर €890 मिलियन का भारी जुर्माना लगाया गया था। ये लगातार कानूनी लड़ाइयां न केवल कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में उसके कामकाज पर भी दबाव बढ़ा रही हैं।
