पैराग्वे की सीनेट ने **6 नवंबर, 2026** को Ueno Bank के कोलैप्स (Collapse) के बाद राष्ट्रपति Santiago Peña को पद से हटा दिया है। सरकारी फंड के दुरुपयोग और लाखों लोगों की बचत फ्रीज होने से देश में राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
सत्ता का पतन और बैंकिंग संकट
पैराग्वे की सीनेट ने सर्वसम्मति से वोट डालकर Santiago Peña को राष्ट्रपति पद से बेदखल कर दिया है। इस फैसले के बाद पूर्व राष्ट्रपति को मिली इम्युनिटी (Immunity) खत्म हो गई है, जिससे अब उनके खिलाफ चल रही आपराधिक जांच में जवाबदेही तय हो सकेगी। यह पूरा मामला Ueno Bank के दिवालिया होने से जुड़ा है, जिसे गंभीर वित्तीय संकट के चलते सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया था।
जनता की गाढ़ी कमाई पर संकट
यह बैंकिंग क्राइसिस पैराग्वे की लगभग 60% वयस्क आबादी, यानी करीब 30 लाख लोगों के डिपॉजिट्स (Deposits) को प्रभावित कर रहा है। रेगुलेटर्स ने बैंक को सीज करते हुए अवैध लैंडिंग और लगभग $850 मिलियन के सरकारी फंड—जिसमें पेंशन फंड भी शामिल थे—के दुरुपयोग का खुलासा किया है। खातों के फ्रीज होने से लोगों को अपनी सैलरी और रिटायरमेंट फंड नहीं मिल पा रहे हैं, जिसके कारण देश में हड़ताल और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं।
नई सरकार और भविष्य की चुनौतियां
अब Vice President Pedro Alliana ने राष्ट्रपति पद की कमान संभाल ली है। देश अभी भी इस बैंकिंग विफलता के दुष्परिणामों से जूझ रहा है, जिसने सरकारी तंत्र और निजी वित्तीय संस्थानों के बीच के संदिग्ध रिश्तों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रॉसीक्यूटर्स ने बैंक के प्रमुख शेयरधारकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
निवेशकों के नजरिए से देखें तो यह घटना इमर्जिंग मार्केट्स (Emerging Markets) में राजनीतिक और वित्तीय सिस्टम के बीच गहरे जुड़ाव के जोखिमों को दर्शाती है। अब पूरी नजर नई सरकार पर है कि वह बैंकिंग सेक्टर की लिक्विडिटी (Liquidity) की समस्या को कैसे सुलझाती है और भविष्य में ऐसे संकट को रोकने के लिए क्या कदम उठाती है।
