Pakistan ने Iran के साथ Gabd-Rimdan और Taftan बॉर्डर पर कमर्शियल ट्रेड रोक दिया है। इससे रोजाना **4,000 टन** LPG की सप्लाई प्रभावित हुई है और सैकड़ों ट्रक फंस गए हैं।
Pakistan सरकार के इस फैसले ने बॉर्डर पर लॉजिस्टिक्स का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। चावल, ताजी सब्जियां और सबसे महत्वपूर्ण Liquefied Petroleum Gas (LPG) ले जा रहे सैकड़ों ट्रक 909 किलोमीटर लंबी सीमा के दोनों ओर फंसे हुए हैं।
एनर्जी सप्लाई और लॉजिस्टिक्स का रिस्क
बॉर्डर बंद होने का सबसे बुरा असर एनर्जी सेक्टर पर पड़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, इन रूटों से रोजाना लगभग 4,000 टन LPG की आवाजाही होती है। अगर यह शटडाउन लंबा खिंचता है, तो घरेलू बाजार में LPG की भारी किल्लत हो सकती है। सप्लाई में कमी से ओपन मार्केट में इसके दाम अचानक से उछल सकते हैं।
Quetta Chamber of Commerce and Industry ने व्यापारियों को सलाह दी है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, वे कोई भी नया ऑर्डर न लें। फिलहाल बॉर्डर फिर से खोलने की कोई निश्चित तारीख तय नहीं है, जो ट्रेडर्स के लिए चिंता का विषय है।
अलग-अलग दावे
इस सस्पेंशन की वजह को लेकर दोनों देशों के अपने तर्क हैं। Pakistani अधिकारियों का कहना है कि वे बॉर्डर सिक्योरिटी और एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। वहीं, Iranian अधिकारियों का दावा है कि यह सुरक्षा का नहीं, बल्कि टेक्निकल समस्याओं का मामला है। अब देखना यह है कि यह गतिरोध कब खत्म होता है और इसका कमोडिटी प्राइसेज पर क्या असर पड़ता है।
