Pakistan Food Crisis: महंगाई का गहरा संकट, जुलाई में फूड इन्फ्लेशन **10.64%** पर पहुंची

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AuthorMehul Desai|Published at:
Pakistan Food Crisis: महंगाई का गहरा संकट, जुलाई में फूड इन्फ्लेशन **10.64%** पर पहुंची

पाकिस्तान में खाद्य सुरक्षा (Food Insecurity) का संकट गंभीर हो गया है। साल **2025** तक **24%** से अधिक परिवारों के लिए पोषण पाना मुश्किल हो गया है। जुलाई **2026** में फूड इन्फ्लेशन बढ़कर **10.64%** पहुंच गई है, जिससे लोगों की खरीदने की ताकत कम हो गई है।

खाने के लाले और बदलती थाली

पाकिस्तान का यह खाद्य संकट खाने की कमी से ज्यादा उसकी 'अफोर्डेबिलिटी' (Affordability) का है। पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के डेटा के मुताबिक, साल 2019 में जो आंकड़ा 15.92% था, वह 2025 तक बढ़कर 24.35% हो गया है, जो परिवारों के पोषण स्तर में भारी गिरावट को दर्शाता है। पिछले महीने यह महंगाई दर 9.4% थी, जो अब तेजी से बढ़कर 10.64% हो गई है।

खान-पान की बदलती आदतें

बजट पर दबाव का असर आम जनता की थाली पर दिख रहा है। पिछले 6 सालों में दूध, मांस और अनाज की खपत लगातार गिरी है, जबकि वनस्पति घी की खपत में 81% का बड़ा उछाल आया है। यह बदलाव लोगों की पसंद नहीं, बल्कि मजबूरी है ताकि कम बजट में ज्यादा कैलोरी वाला खाना मिल सके।

अर्थव्यवस्था के लिए बड़े खतरे

भले ही पाकिस्तान खुद को कृषि प्रधान देश कहता हो, लेकिन 2021 से वह लगातार फूड इम्पोर्टर (Net Importer) बन गया है। इससे देश की इकॉनमी ग्लोबल कमोडिटी प्राइसेज और करेंसी में उतार-चढ़ाव के प्रति काफी सेंसिटिव हो गई है। मानसून की मार और फसलों के खराब चक्र के कारण, सरकार को सब्सिडी देने और बाहर से महंगा आयात करने के बीच कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जो फिस्कल स्पेस को और सिकोड़ रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.