Norway Cyberattack: यूक्रेन को **$9.2 बिलियन** की मदद के बाद नॉर्वे के डिजिटल सिस्टम पर बड़ा हमला

INTERNATIONAL-NEWS
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Norway Cyberattack: यूक्रेन को **$9.2 बिलियन** की मदद के बाद नॉर्वे के डिजिटल सिस्टम पर बड़ा हमला

नॉर्वे के सरकारी डिजिटल पोर्टल्स, जिनमें ID-porten शामिल है, एक बड़े साइबर हमले (Cyberattack) की चपेट में हैं। यह हमला यूक्रेन को **$9.2 बिलियन** की आर्थिक सहायता देने के एलान के बाद हुआ है, जिसकी जिम्मेदारी 'सर्वर किलर्स' (Server Killers) नाम के हैकर ग्रुप ने ली है।

हमले की वजह और तरीका

नॉर्वे की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर 24 अगस्त, 2026 को यह बड़ा हमला शुरू हुआ। नॉर्वेजियन डिजिटलाइजेशन एजेंसी (Digdir) ने बताया कि यह एक DDoS (Distributed Denial-of-Service) हमला है। इसमें हैकर्स सिस्टम पर अत्यधिक ट्रैफिक भेजकर उसे ठप करने की कोशिश करते हैं। 26 अगस्त तक, ID-porten और Altinn जैसे 10 प्रमुख सरकारी प्लेटफॉर्म्स पर इसका असर देखा गया है।

क्यों निशाना बनाया गया?

इस हमले का सीधा संबंध जियोपॉलिटिकल तनाव से है। नॉर्वे द्वारा यूक्रेन को $9.2 बिलियन की सैन्य और वित्तीय मदद की घोषणा के तुरंत बाद, प्रो-रशियन हैकर ग्रुप 'सर्वर किलर्स' ने टेलीग्राम चैनल के जरिए इसकी जिम्मेदारी ली। हैकर्स का दावा है कि यह हमला नॉर्वे की कीव (Kyiv) के साथ सुरक्षा साझेदारी का विरोध है। जून 2026 के बाद से नॉर्वे की एजेंसी पर यह तीसरा बड़ा हमला है।

राहत की खबर

हालांकि डिजिटल सेवाएं प्रभावित हुई हैं, लेकिन नॉर्वेजियन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पर्सनल डेटा के लीक या सिक्योरिटी ब्रीच का कोई सबूत नहीं मिला है। यह हमला केवल सेवाओं में बाधा डालने और जनता का भरोसा तोड़ने के लिए किया गया है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और सरकारी एजेंसियां अपने साइबर डिफेंस को और अधिक मजबूत करने में जुटी हुई हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.