नेपाल में भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण काठमांडू से जुड़ने वाले प्रमुख हाईवे जैसे Prithvi और BP रूट्स पूरी तरह ब्लॉक हो गए हैं। इस रुकावट का सीधा असर भारत और नेपाल के बीच की सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स पर पड़ रहा है।
नेपाल में मूसलाधार बारिश ने आफत मचा दी है, जिसके चलते काठमांडू को जोड़ने वाले मुख्य हाईवे पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने रात के समय यात्रा पर भी रोक लगा दी है। फिलहाल, बचाव दल लगातार सड़कों को साफ करने में जुटे हैं, लेकिन मौसम की मार उनके काम में बड़ी बाधा बनी हुई है।
भारतीय निवेशकों के लिए चिंता?
भारत से नेपाल को होने वाला निर्यात इस स्थिति से सीधा प्रभावित हो सकता है। नेपाल अपनी जरूरतों के लिए भारतीय पोर्ट्स और लैंड रूट्स पर निर्भर है। ऐसे में FMCG, ऑटोमोटिव और सीमेंट सेक्टर की भारतीय कंपनियों के लिए शॉर्ट-टर्म डिलीवरी में देरी की संभावना बढ़ गई है। हालांकि लार्ज-कैप कंपनियों पर इसका असर सीमित रह सकता है, लेकिन क्षेत्रीय ट्रेडर्स की सेल्स वॉल्यूम पर दबाव देखने को मिल सकता है।
आगे क्या होगा?
मौसम विभाग ने 28 सितंबर, 2026 तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे सड़कों के खुलने का समय अभी भी अनिश्चित बना हुआ है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि यह रुकावट कितने दिनों तक चलती है, क्योंकि लंबे समय तक नाकेबंदी रहने पर कंपनियों की तिमाही सेल्स पर बुरा असर पड़ सकता है।
