Nepal Disaster: विनाशकारी बाढ़ से भारी तबाही, राहत कोष पहुंचा **4 अरब रुपये** के पार

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nepal Disaster: विनाशकारी बाढ़ से भारी तबाही, राहत कोष पहुंचा **4 अरब रुपये** के पार

नेपाल में भीषण बाढ़ और तबाही के बाद 'प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष' में अब तक **4 अरब रुपये** से अधिक जमा हो चुके हैं। वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले के मुताबिक देश के पुनर्निर्माण पर **4 से 5 अरब डॉलर** तक का भारी खर्च आने का अनुमान है।

तबाही का बड़ा आंकड़ा

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इस त्रासदी में अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग लापता हैं। सड़कों, पुलों और कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के क्षतिग्रस्त होने से बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत कोष में फिलहाल 4.09 अरब रुपये जमा हो गए हैं, जो राहत और बचाव कार्यों में इस्तेमाल किए जाएंगे।

आर्थिक चुनौतियों का पहाड़

वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने चेतावनी दी है कि पूरे देश के पुनर्निर्माण की लागत 4 से 5 अरब डॉलर के बीच हो सकती है। यह नेपाल सरकार के सामने एक बड़ी राजकोषीय चुनौती है। निवेशकों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इससे सप्लाई चेन और व्यापारिक गतिविधियों में रुकावट आ सकती है।

प्राइवेट सेक्टर की भूमिका

हालात को देखते हुए Surya Nepal Pvt. Ltd. और Nepal Life Insurance जैसी बड़ी कंपनियों ने आर्थिक मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। सरकार पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस फंड को 10 प्रमुख कमर्शियल बैंकों के जरिए मैनेज कर रही है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि हाइड्रोपावर फैसिलिटीज को हुए नुकसान से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन पर पड़ेगा। निवेशकों को अब रिकंस्ट्रक्शन की रफ्तार और सरकारी खर्च के प्रबंधन पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इससे महंगाई और फिस्कल डेफिसिट पर दबाव बढ़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.