श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति Mahinda Rajapaksa के बेटे Namal Rajapaksa को **4 सितंबर** को गिरफ्तार किया गया था। **2013** के एयरक्राफ्ट रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद से वे कोलंबो रिमांड जेल में बंद हैं, जिससे देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
Namal Rajapaksa की कानूनी मुश्किलें 2013 में SriLankan Airlines के लिए Airbus विमानों की खरीद से जुड़ी हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस पूरे सौदे में $8 लाख (लगभग 800,000 डॉलर) की रिश्वत (kickbacks) ली गई थी। कोलंबो चीफ मजिस्ट्रेट ने उन्हें 18 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में यह पहला मौका है जब Rajapaksa परिवार के किसी सदस्य को रिमांड पर भेजा गया है, जिसे कानूनी जानकारों ने एक बड़ा घटनाक्रम माना है।
राजनीतिक तनाव और प्रदर्शन की आहट
इस गिरफ्तारी ने श्रीलंका की राजनीति में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। Rajapaksa परिवार की पार्टी, Sri Lanka Podujana Peramuna (SLPP) ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि 12 सितंबर को अनुराधापुरा में होने वाली एक बड़ी रैली को कमजोर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
निवेशकों की चिंता और भविष्य
विपक्ष के नेता अब कानून का सहारा लेकर संसद सत्र में Namal Rajapaksa की मौजूदगी सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं। चीफ अपोजिशन व्हिप Gayantha Karunathilleka ने स्पीकर से संसद की कार्यवाही के लिए उनकी सुरक्षित आवाजाही की अपील की है। श्रीलंका की अर्थव्यवस्था रिकवरी की ओर देख रही है, ऐसे में राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शनों का दौर विदेशी निवेशकों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण जोखिम बना हुआ है।
