NATO के फाइटर जेट्स ने लिथुआनिया के एयरस्पेस में विस्फोटक से लदे एक ड्रोन को मार गिराया है। यह घटना यूरोप में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का संकेत है, जिस पर ग्लोबल मार्केट की नजरें टिकी हुई हैं।
बाल्टिक क्षेत्र में बड़ी हलचल
मंगलवार को लिथुआनिया के एयरस्पेस में एक अज्ञात ड्रोन देखा गया, जिसे NATO के फाइटर जेट्स ने विलनियस से लगभग 100 किलोमीटर दूर प्रातकुनाई गांव के पास इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। लिथुआनियाई वायु सेना के अनुसार, मलबे की जांच में विस्फोटक सामग्री के संकेत मिले हैं। यह ड्रोन बेलारूस की सीमा से आया था और लगभग 30 मिनट तक लिथुआनियाई एयरस्पेस में सक्रिय रहा।
बढ़ता राजनयिक तनाव
यह घटना अकेले नहीं है। इसी दौरान डेनमार्क सरकार ने बताया कि एक रूसी युद्धपोत ने गेडसर के पास गश्त कर रहे उनके सैन्य हेलीकॉप्टर पर फ्लेयर्स दागे। डेनमार्क ने इसे गंभीर उकसावा बताते हुए रूसी राजदूत को तलब किया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इन भू-राजनीतिक तनावों का असर सीधे तौर पर ग्लोबल मार्केट पर पड़ता दिख रहा है। रूस में भी ड्रोन हमलों के कारण लॉजिस्टिक्स फर्म Ozon के टैगान्रोग स्थित वेयरहाउस में भीषण आग लगी, जिससे कंपनी को अपना कामकाज बंद करना पड़ा।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस तरह की अस्थिरता सप्लाई चेन में बाधा पैदा करती है और कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती है। लॉजिस्टिक्स और एनर्जी सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है, जिस पर निवेशकों को बारीक नजर रखनी चाहिए।
