Nirmal Purja Broad Peak Avalanche: एवरेस्ट फतह करने वाले Nirmal Purja समेत 10 पर्वतारोही लापता

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nirmal Purja Broad Peak Avalanche: एवरेस्ट फतह करने वाले Nirmal Purja समेत 10 पर्वतारोही लापता

दुनिया के सबसे ऊंचे पहाड़ों में से एक, पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर एवलांच (Avalanche) आ गया है। इस हादसे में मशहूर पर्वतारोही Nirmal Purja समेत 10 लोगों के लापता होने की खबर है। बचाव अभियान मौसम की खराबी के चलते मुश्किल हो रहा है।

एवरेस्ट के रिकॉर्ड होल्डर Nirmal Purja का क्या हुआ?

नेपाल के मशहूर पर्वतारोही Nirmal Purja, जो 'Nimsdai' के नाम से भी जाने जाते हैं, पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर एक भीषण एवलांच में फंस गए हैं। उनके साथ 9 अन्य पर्वतारोही भी लापता बताए जा रहे हैं। यह घटना गुरुवार सुबह करीब 7,000 मीटर की ऊंचाई पर हुई, जब यह टीम 8,051 मीटर ऊंचे पहाड़ पर चढ़ाई कर रही थी। इस ग्रुप में 5 नेपाली और 5 विदेशी नागरिक शामिल थे, जिनमें अमेरिका, चीन, ओमान और पाकिस्तान के पर्वतारोही थे।

बचाव अभियान में बड़ी मुश्किलें

एल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (Alpine Club of Pakistan) स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव कार्यों का समन्वय कर रहा है। हालांकि, 7,000 मीटर की ऊंचाई पर खराब मौसम और खतरनाक हालात के कारण बचाव अभियान में भारी दिक्कतें आ रही हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि खराब मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर से मदद पहुंचाना संभव नहीं हो पा रहा है। काराकोरम रेंज में गर्मियों (जून से अगस्त) के दौरान अक्सर ऐसे अचानक एवलांच और मौसम में तेजी से बदलाव देखा जाता है।

सरकार की तरफ से क्या है अपडेट?

नेपाल के पर्यटन, संस्कृति और नागरिक उड्डयन मंत्री खाडग प्रसाद पौडेल (Khadak Prasad Paudel) ने बताया कि नेपाली सरकार पाकिस्तानी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और स्थिति पर नजर रखे हुए है। जैसे ही मौसम साफ होता है, ग्राउंड टीम को रवाना करने और हवाई सहायता जुटाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, बचाव दल उसी इलाके पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जहां से आखिरी बार पर्वतारोहियों के संपर्क की जानकारी मिली थी।

ब्रॉड पीक दुनिया का 12वां सबसे ऊंचा पर्वत है और यह K2 के पास काराकोरम रेंज में स्थित है। यह अपनी तकनीकी मुश्किलों और प्राकृतिक खतरों के लिए जाना जाता है, जो अनुभवी पर्वतारोहियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती पेश करते हैं। बचाव दलों को आगे के कैम्पों तक पहुंचने या एवलांच साइट का हवाई सर्वेक्षण करने में सफलता मिलेगी या नहीं, यह मौसम पर ही निर्भर करेगा।

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