US के साथ बिगड़े व्यापारिक रिश्तों और **50%** टैरिफ के बीच, कनाडाई प्रधानमंत्री Mark Carney ने टोरंटो में **300** ग्लोबल दिग्गजों को एक मंच पर बुलाया है। कनाडा अब अपनी निर्भरता अमेरिका से हटाकर दुनिया के अन्य देशों पर केंद्रित करना चाहता है।
अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर का असर
21 अगस्त, 2026 को अमेरिका के साथ व्यापारिक बातचीत विफल होने के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका ने C$20 बिलियन के कनाडाई सामान पर 50% तक का भारी-भरकम टैरिफ लगा दिया है। इस अनिश्चितता से निपटने के लिए, कनाडाई सरकार अब निवेशकों को अपनी कानूनी स्थिरता और भरोसेमंद मार्केट के तौर पर आकर्षित कर रही है।
क्या है मास्टर प्लान?
टोरंटो में आयोजित इस समिट में सरकार ने कुल 167 नेशनल प्रोजेक्ट्स की लिस्ट पेश की है। ये प्रोजेक्ट्स एनर्जी, माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे सेक्टर से जुड़े हैं। सरकार का लक्ष्य अगले पांच सालों में कुल C$1 ट्रिलियन का निवेश हासिल करना है, जिसमें C$500 बिलियन प्राइवेट सेक्टर से जुटाए जाएंगे। इसके लिए भारत और UAE जैसे देशों के साथ पार्टनरशिप पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
निवेशकों के लिए रिस्क और चुनौतियां
हालांकि यह पहल बड़ी है, लेकिन इसका असर दिखने में 12 से 18 महीने का समय लग सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कनाडाई सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा प्रोजेक्ट्स के लिए परमिट प्रक्रिया को सरल बनाने में होगी। साथ ही, फॉरेस्ट्री और ऑटोमोटिव जैसे सेक्टर पर मंडरा रहा ट्रेड वॉर का दबाव शॉर्ट-टर्म में अस्थिरता पैदा कर सकता है।
