मालदीव के राष्ट्रपति Mohamed Muizzu ने पाकिस्तान के साथ **20** बड़े समझौतों पर मुहर लगाई है। दोनों देशों ने आपसी व्यापार को मौजूदा **$1.3 करोड़** से बढ़ाकर **$20 करोड़** तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
बदलती रणनीतिक साझेदारी
मालदीव के राष्ट्रपति Mohamed Muizzu की 3 दिवसीय पाकिस्तान यात्रा के बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। 22 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुई इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच मैरीटाइम सिक्योरिटी, सिविल एविएशन और ट्रेड समेत 20 एमओयू (MoU) साइन किए गए। हालांकि इन समझौतों में किसी स्थायी सैन्य अड्डे का जिक्र नहीं है, लेकिन डिफेंस और पुलिसिंग के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को हिंद महासागर की कूटनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
इकोनॉमिक और जियोपॉलिटिकल इम्पैक्ट
आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों ने 2 साल के भीतर व्यापार को $1.3 करोड़ से $20 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि क्षेत्रीय ट्रेड रूट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर प्राथमिकताओं में बदलाव आ सकता है। मालदीव अब नई दिल्ली पर निर्भरता कम करके अपने रणनीतिक सहयोगियों का दायरा बढ़ा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
राष्ट्रपति Muizzu ने SAARC (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ) को फिर से सक्रिय करने की बात कही है, जो 2016 से लगभग निष्क्रिय पड़ा है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि:
- इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स: मालदीव में भविष्य के ठेकों पर इसका क्या असर पड़ता है?
- लॉजिस्टिक्स और शिपिंग: हिंद महासागर में सुरक्षा प्रोटोकॉल बदलने से शिपिंग कंपनियों के ऑपरेशंस कैसे प्रभावित होंगे?
- क्षेत्रीय स्थिरता: इंडस वाटर ट्रीटी और कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा के बाद दोनों देशों की बढ़ती करीबी का क्षेत्रीय स्थिरता पर क्या असर होगा?
आने वाली तिमाहियों में इन समझौतों का जमीन पर उतरना ही तय करेगा कि यह केवल एक कूटनीतिक दिखावा है या वास्तविक व्यापारिक बदलाव।
