फ्रांस में बढ़ती महंगाई के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है। लिमोज (Limoges) शहर में प्रदर्शनकारियों ने 143 साल पुराने ऐतिहासिक टाउन हॉल को आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरे इलाके में तनाव है।
फ्रांस में जारी महंगाई के विरोध का असर अब संपत्तियों के नुकसान तक पहुँच गया है। लिमोज शहर की 1883 में बनी ऐतिहासिक इमारत आग लगने के बाद पूरी तरह तबाह हो गई है। प्रीफेक्ट मौरिस बैरेट के अनुसार, इमारत की छत ढह गई है और बाहरी हिस्सा पूरी तरह जल चुका है। इस आगजनी को एक सुनियोजित कृत्य माना जा रहा है।
आर्थिक तनाव और निवेशकों के लिए चिंता
यह घटना लगातार चौथे हफ्ते चल रहे प्रदर्शनों का हिस्सा है। देश के 100 से ज्यादा शहरों में करीब 5 लाख लोग सड़कों पर उतरे हैं। पेरिस, लिली और कैलेस जैसे प्रमुख शहरों में हालात और भी खराब हैं। निवेशकों के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि फ्रांस यूरोज़ोन की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और ऐसी अस्थिरता बिजनेस एनवायरनमेंट और मार्केट सेंटिमेंट को प्रभावित कर सकती है।
सरकार की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसा की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है। वहीं, गृह मंत्री लॉरेंट नुएज़ ने बताया है कि रेडिकल समूहों ने सुनियोजित तरीके से सरकारी केंद्रों को निशाना बनाया है। फिलहाल, मार्केट पर नजर रखने वाले यह देख रहे हैं कि सरकार कैसे बढ़ती महंगाई और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच तालमेल बिठाती है।
