अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने फ्रांस में फैली हालिया हिंसा के लिए वहां की विफल आव्रजन (Immigration) और विविधता नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इसे अमेरिका के लिए एक बड़ी चेतावनी बताया है।
आव्रजन नीतियों पर तीखा हमला
अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने पश्चिमी देशों की लिबरल आव्रजन नीतियों की तीखी आलोचना की है। उनका मानना है कि फ्रांस में जो हालात बिगड़े हैं, वे वहां के प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय एकता के बजाय विविधता पर अधिक जोर देने का परिणाम हैं। Vance ने अमेरिकी कांग्रेस के डेमोक्रेट्स की नीतियों की तुलना फ्रांस के संकट से करते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने अपनी नीतियों को नहीं सुधारा, तो सुरक्षा को लेकर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
फ्रांस में बिगड़े हालात के आंकड़े
फ्रांस की स्थिति फिलहाल काफी अस्थिर बनी हुई है। देश भर में चल रहे इन विरोध प्रदर्शनों में करीब 5,50,000 लोगों ने हिस्सा लिया है। हिंसा और दंगे की घटनाओं में अब तक 1,200 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि 150 से अधिक पुलिस अधिकारी घायल बताए जा रहे हैं। पेरिस, ल्योन, मार्से और बोर्डो जैसे प्रमुख शहरों में तोड़फोड़ की घटनाएं आम हो गई हैं।
कमर्शियल सेक्टर पर असर
इस हंगामे का सीधा असर बिजनेस और रिटेल सेक्टर पर भी पड़ा है। बोर्डो में Louis Vuitton और Hermes जैसे लग्जरी ब्रांड्स के शोरूम को दंगाइयों ने निशाना बनाया है। वहीं, Apple जैसे टेक्नोलॉजी आउटलेट्स के सुरक्षा घेरे को भी तोड़ा गया है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने इन दंगों की कड़ी निंदा की है और सख्त कानूनी कार्रवाई का वादा किया है, जबकि प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल व्यवस्था को फिर से बहाल करने पर टिकी है।
