इटली सरकार ने एक नया सख्त सुरक्षा कानून लागू किया है। इसके तहत अब नाबालिगों द्वारा की गई तोड़फोड़ के लिए माता-पिता को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए **500** सैन्यकर्मियों को तैनात किया गया है।
सख्त कानून और मिलिट्री की तैनाती
इटली सरकार ने सार्वजनिक अशांति को नियंत्रित करने के लिए एक सख्त सुरक्षा डिक्री पेश की है। नए कानून के तहत, नाबालिगों द्वारा की गई किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ के लिए अब उनके माता-पिता को आर्थिक रूप से जिम्मेदार बनाया जाएगा। इतना ही नहीं, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाले समूहों के खिलाफ कड़े प्रावधान किए गए हैं, जिसमें 5 साल तक की जेल और €20,000 तक का जुर्माना शामिल है। कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए मिलान में 500 सैनिकों को तैनात किया गया है, और यह तैनाती 2026 के अंत तक जारी रहने की उम्मीद है।
निवेशकों की चिंता और सप्लाई चेन पर असर
निवेशकों के लिए यह विधायी बदलाव इटली में जारी सामाजिक अस्थिरता की ओर इशारा करता है। देश में डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ ट्रक ड्राइवरों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण लॉजिस्टिक्स में भारी बाधाएं आ रही हैं। इसका सीधा असर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और कृषि उत्पादों, विशेष रूप से पास्ता जैसे जरूरी सामानों के वितरण पर पड़ रहा है।
आगे की राह
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछले 4 सालों में इटली की जेलों में कैदियों की संख्या 17% तक बढ़ी है, जो देश के आर्थिक तनाव को दर्शाता है। यूरोपीय बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अब सप्लाई चेन की स्थिरता सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यह देखना अहम होगा कि क्या सैन्य तैनाती से लॉजिस्टिक्स की दक्षता में सुधार आता है या नहीं। 2027 के चुनावों से पहले, मैन्युफैक्चरिंग हब और सप्लाई चेन की स्थिति पर पैनी नजर रखना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी है।
