इजरायल के राष्ट्रपति Isaac Herzog ने भारतीय पायलट कैप्टन Smit Machchhar को 'प्रेसिडेंशियल अवार्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' देने का ऐलान किया है। 30 सितंबर, 2026 की एक उड़ान के दौरान अपने को-पायलट के हमले के बावजूद उन्होंने **172** यात्रियों की जान बचाई थी।
साहस की एक मिसाल
30 सितंबर, 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही flydubai की फ्लाइट में जो हुआ, उसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। फ्लाइट के अंदर को-पायलट Hamam al-Hammami ने कैप्टन Smit Machchhar पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया। बावजूद इसके कि कैप्टन बुरी तरह घायल थे, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। उनकी इस सूझबूझ से यात्री अंदर आ सके और हमलावर को काबू कर लिया गया, जिससे विमान हादसे का शिकार होने से बच गया।
इस बहादुरी में 6 इजरायली यात्रियों—Tali Manes, Zvika Manes, Yaniv Hayoun, Shota Musayev, Asaf Rajuan और Or Pardilov—को भी सम्मानित किया गया है, जिन्होंने हमलावर को रोकने में मदद की थी।
एयरलाइंस सुरक्षा पर बढ़ते सवाल
यह घटना अब एविएशन सेक्टर में एक बड़ी बहस का विषय बन गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर को पहले भी चरमपंथ से जुड़ी चिंताओं के कारण ड्यूटी से हटाया गया था, जो एयरलाइंस की 'पायलट वेटिंग' (Vetting) प्रोसेस पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। इस घटना के बाद पूरी दुनिया में अब क्रू मेंबर की मनोवैज्ञानिक स्क्रीनिंग और सुरक्षा मानकों को और कड़ा किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है।
