सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हुती (Houthi) हमलों के खतरे को देखते हुए प्रमुख भारतीय एयरलाइंस ने रियाद (Riyadh) के लिए अपनी उड़ानें **10 अक्टूबर** तक रद्द कर दी हैं। भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है, साथ ही एयरलाइंस ने बढ़ती लागत को देखते हुए **9 अक्टूबर** से फ्यूल सरचार्ज (Fuel Surcharge) लागू करने का फैसला लिया है।
सुरक्षा और संचालन पर संकट
सऊदी अरब में हुती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद रियाद में स्थित भारतीय दूतावास ने हाई-अलर्ट जारी किया है। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे मुख्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद वहां की स्थिति काफी संवेदनशील हो गई है।
एयरलाइंस पर प्रभाव
सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए Air India और Air India Express ने 10 अक्टूबर तक रियाद के लिए अपनी सभी फ्लाइट्स निलंबित कर दी हैं। इसका असर एयर ट्रेवल लॉजिस्टिक्स पर साफ दिख रहा है, जहां फ्लाइट नंबर AI2243 को बीच रास्ते से ही दिल्ली वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा Akasa Air ने भी कोच्चि-रियाद रूट की उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयरलाइंस ने यात्रियों को टिकट रिफंड या री-शेड्यूल का विकल्प दिया है।
फ्यूल सरचार्ज का बोझ
विमानन कंपनियों के लिए यह समय चुनौतियों भरा है। फ्लाइट्स रद्द होने के साथ-साथ एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों से कंपनियों का मुनाफा दबाव में है। अपने मार्जिन को बचाने के लिए कई एयरलाइंस ने 9 अक्टूबर से फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी की घोषणा की है।
निवेशकों के लिए जोखिम
बाजार के जानकारों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions) से एयरलाइंस के इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ सकते हैं। अगर क्षेत्रीय अस्थिरता बनी रहती है, तो यह भविष्य में विमानन कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाल सकता है। निवेशक अब 10 अक्टूबर के बाद एयरलाइंस के शेड्यूल और सुरक्षा स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
