आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश: ISI से जुड़े शाहजाद भट्टी का भारत में जाल, 200 से ज्यादा गिरफ्तार

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AuthorAditya Rao|Published at:
आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश: ISI से जुड़े शाहजाद भट्टी का भारत में जाल, 200 से ज्यादा गिरफ्तार

12 अगस्त 2026 को भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान स्थित एक बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। 14 राज्यों में **200** से ज्यादा ऑपरेटिव्स की गिरफ्तारी हुई है। शाहजाद भट्टी के नेतृत्व वाले इस सिंडिकेट ने इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए भारतीय युवाओं को जासूसी और IED बनाने जैसे आतंकी कामों के लिए बहकाया। सुरक्षा बलों ने विस्फोटक और खुफिया उपकरण बरामद कर स्वतंत्रता दिवस से पहले खतरे को बेअसर कर दिया।

कैसे भारतीय एजेंसियों ने किया बड़ा खुलासा?

12 अगस्त 2026 को भारतीय सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, पाकिस्तान से संचालित हो रहे एक विशाल आतंकी नेटवर्क का सफाया किया है। इस ऑपरेशन के तहत देश भर के 14 राज्यों में 200 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 253 लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह क्रॉस-बॉर्डर आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

कौन है शाहजाद भट्टी और कैसे चलता था नेटवर्क?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क का सरगना शाहजाद भट्टी है, जो पाकिस्तान में बैठकर भारत में अपना जाल बिछाए हुए था। भट्टी कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, इंस्टाग्राम पर उसके करीब 2.5 लाख और फेसबुक पर 4.5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। उसने इन प्लेटफॉर्म्स का फायदा उठाकर भारत में युवाओं को निशाना बनाया।

भर्ती का तरीका और खतरनाक काम

भर्ती की प्रक्रिया कई चरणों में होती थी। शुरुआत में, युवाओं को छोटे-मोटे काम, जैसे पोस्टर लगाना, के लिए ₹5,000 से ₹10,000 तक दिए जाते थे। लेकिन धीरे-धीरे ये काम खतरनाक होते गए, जिनमें पेट्रोल बम बनाना, IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) तैयार करना और संवेदनशील पुलिस, धार्मिक व रक्षा स्थलों की रेकी करना शामिल था।

पाक कनेक्शन और बरामदगी

खुलासे में यह भी सामने आया कि नेटवर्क ने अपने ऑपरेटिव्स को रेलवे स्टेशन और एयरबेस जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों के बाहर CCTV कैमरे लगाने का निर्देश दिया था। कथित तौर पर, इन कैमरों से मिलने वाली लाइव फुटेज पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजी जाती थी। इस बड़ी कार्रवाई में 80 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं और मौके से IEDs, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्टल और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।

NIA की जांच और आगे की कार्रवाई

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) फिलहाल शाहजाद भट्टी के खिलाफ सिरसा और अंबाला में हुए पिछले आतंकी हमलों समेत कई मामलों की जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया के जरिए हो रहे रेडिकलाइजेशन के बड़े खतरे पर भी गौर कर रही हैं, क्योंकि यह घटना बाहरी हैंडलर्स द्वारा डिजिटल भर्ती की बढ़ती चुनौती को उजागर करती है। सरकार कथित तौर पर भट्टी को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी घोषित करने की प्रक्रिया में है।

हालांकि, इस घटना का शेयर बाजार या सूचीबद्ध कंपनियों पर सीधा असर नहीं है, लेकिन यह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सीमा पार से आने वाले खतरों को लेकर बढ़ी हुई सुरक्षा सतर्कता की जरूरत को रेखांकित करता है। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए मुख्य चुनौती युवाओं का लगातार रेडिकलाइजेशन और जासूसी के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बने रहना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.