भारत-अमेरिका व्यापार डील का पहला फेज तैयार, GCC FTA वार्ताएं भी तेज!

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Author Mehul Desai | Published at:
भारत-अमेरिका व्यापार डील का पहला फेज तैयार, GCC FTA वार्ताएं भी तेज!
Overview

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते का पहला चरण (First Tranche) कुछ ही दिनों में लागू होने की कगार पर है, जिससे टैरिफ (Tariff) में कटौती का रास्ता साफ हो जाएगा। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस प्रोग्रेस की जानकारी देते हुए बताया कि मार्च के मध्य तक एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, भारत ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों के साथ लंबे समय से अटके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर भी बातचीत को फिर से शुरू कर दिया है, जिसका लक्ष्य मौजूदा **$179 बिलियन** के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना है।

भारत-अमेरिका व्यापार डील में बड़ा मोड़

भारत जल्द ही अमेरिका के साथ अपने व्यापार समझौते के शुरुआती चरण को लागू करने वाला है। यह कदम कुछ ही दिनों में उठाया जाएगा और इसके तहत 18 प्रतिशत तक टैरिफ (Tariff) में कटौती शामिल होगी। यह संयुक्त भारत-अमेरिका बयान और एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर (Executive Order) के बाद हो रहा है। इस पहले चरण को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जिससे व्यवसायों को तत्काल राहत मिलने और व्यापारिक संबंधों को और गहरा करने की उम्मीद है। एक विस्तृत और व्यापक औपचारिक समझौता मार्च के मध्य तक हस्ताक्षरित होने की उम्मीद है, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक बड़ा कदम साबित होगा।

GCC फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर फिर से गरमाई बातचीत

इसके साथ ही, भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। गोयल ने घोषणा की है कि भारत ने इस FTA के लिए 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (Terms of Reference) पर सहमति दे दी है, जिससे लगभग दो दशकों से ठप पड़ी बातचीत को फिर से जीवन मिला है। इस पहल का उद्देश्य छह GCC देशों के साथ मौजूदा $179 बिलियन के द्विपक्षीय व्यापार को और मजबूत करना है। प्रस्तावित समग्र FTA से पॉलिसी की पूर्वानुमेयता (Policy Predictability) में सुधार, निवेश आकर्षण और भारत के लिए खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। फूड प्रोसेसिंग (Food Processing) और पेट्रोकेमिकल्स (Petrochemicals) जैसे क्षेत्र, अनुमानित टैरिफ कटौती से काफी लाभान्वित होने की उम्मीद है। इससे भारतीय किसानों और निर्माताओं के लिए ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही भू-राजनीतिक संबंध भी मजबूत होंगे।

बातचीत के मुख्य बिंदु

पिछले एक साल में भारत और अमेरिका के बातचीत दल कई दौर की गहन चर्चाओं में शामिल रहे हैं। इन वार्ताओं का मुख्य फोकस विभिन्न हितों के बीच तालमेल बिठाना था, जिसमें दोनों देशों ने अपने संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इस सावधानीपूर्वक दृष्टिकोण का उद्देश्य एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौता सुनिश्चित करना है, जो इस तरह के महत्वपूर्ण आर्थिक समझौतों के निर्माण में निहित पैमाने और जटिलता को दर्शाता है।

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