भारत सरकार ने ओमान से खजूर (Dates) और मार्बल (Marble) के इम्पोर्ट पर ड्यूटी छूट का ऐलान किया है। यह फैसला भारत-ओमान कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) के तहत लिया गया है। इच्छुक इम्पोर्टर **4 अगस्त से 19 अगस्त 2026** तक इस सुविधा के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
ड्यूटी में भारी कटौती का फायदा
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने उन कंपनियों के लिए एप्लीकेशन विंडो खोल दी है जो ओमान से रियायती दरों पर सामान इम्पोर्ट करना चाहती हैं।
- खजूर (Dates): 2,000 टन तक के खजूर इम्पोर्ट पर 30% इम्पोर्ट ड्यूटी पूरी तरह माफ होगी, यानी ये इम्पोर्ट ड्यूटी-फ्री होंगे।
- मार्बल (Marble) और Travertine Blocks: 1 लाख टन तक मार्बल और Travertine Blocks को 25% की रियायती कस्टम ड्यूटी पर इम्पोर्ट किया जा सकेगा। फिलहाल इस पर 40% ड्यूटी लगती है। हालांकि, इस छूट के लिए मार्बल की कीमत $150 प्रति मीट्रिक टन या उससे अधिक होनी चाहिए।
जरूरी डॉक्यूमेंट्स और शर्तें
ड्यूटी छूट का लाभ केवल असली इंडस्ट्री प्लेयर्स को मिले, इसके लिए सरकार ने कुछ खास नियम बनाए हैं:
- मार्बल ब्लॉक्स के लिए: इम्पोर्टर को एक चार्टर्ड इंजीनियर से सर्टिफिकेट लेना होगा। इसमें पिछले तीन फाइनेंशियल इयर्स के प्रोडक्शन डेटा और प्रोसेसिंग कैपेसिटी का वेरिफिकेशन जरूरी होगा।
- मार्बल स्लैब इम्पोर्टर्स: अपने ओमान के सप्लायर के साथ प्री-परचेज एग्रीमेंट दिखाना होगा।
- PET Flakes इम्पोर्टर्स: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' लेना अनिवार्य होगा।
आगे क्या?
यह कदम भारत के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने का हिस्सा है। कंस्ट्रक्शन और स्टोन प्रोसेसिंग सेक्टर में लगी भारतीय कंपनियों को मार्बल पर कम ड्यूटी से लागत कम करने और प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, घरेलू मार्बल उत्पादकों को इम्पोर्टेड माल से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। निवेशक अब इस बात पर नजर रखेंगे कि यह कोटा कितनी जल्दी खत्म होता है।
