ग्लोबल अनिश्चितता के बीच भारत का एक्सपोर्ट बूस्ट
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और सप्लाई चेन (Supply Chain) की चुनौतियों के बावजूद, भारत का एक्सपोर्ट प्रदर्शन सराहनीय रहा है। कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने बताया कि भारत ने अपने ट्रेड पार्टनर्स (Trade Partners) और प्रोडक्ट्स (Products) में विविधता लाकर इन क्षेत्रीय संघर्षों के असर को काफी हद तक कम किया है।
नए बाज़ारों में भारत की पैठ
भारत की नई मार्केट्स (Markets) में पैठ बनाने की रणनीति काफी सफल रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में 1,821 नए प्रोडक्ट-कंट्री एक्सपोर्ट कॉम्बिनेशन्स (Product-Country Export Combinations) दर्ज किए गए। पारंपरिक क्षेत्रों जैसे हैंडलूम (Handlooms) और ऑयलसीड्स (Oilseeds) को नए अवसर मिले, वहीं एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग (Advanced Manufacturing) का ग्लोबल रीच (Global Reach) भी बढ़ा। जहाजों, नावों और फ्लोटिंग स्ट्रक्चर्स (Ships, Boats, Floating Structures) के एक्सपोर्ट में बड़ी ग्रोथ देखी गई, जो 19 नए मार्केट्स तक पहुंचे। इसी तरह, न्यूक्लियर रिएक्टर और बॉयलर पार्ट्स (Nuclear Reactor and Boiler Parts) 13 नए डेस्टिनेशन्स (Destinations) तक पहुंचे।
गोल्ड इम्पोर्ट में भारी उछाल, ड्यूटी का असर?
हालांकि कुल एक्सपोर्ट मजबूत है, लेकिन अप्रैल 2026 में भारत का गोल्ड इम्पोर्ट (Gold Import) 80% से ज़्यादा बढ़कर $5.63 बिलियन तक पहुंच गया। अधिकारियों के मुताबिक, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से यूनिट वैल्यू (Unit Value) में बढ़ोतरी के कारण हुई है, न कि वोल्यूम (Volume) बढ़ने से, क्योंकि असल इम्पोर्ट क्वांटिटी (Import Quantity) पिछले साल की तुलना में कम हुई थी। सरकार को उम्मीद है कि हाल ही में गोल्ड और सिल्वर पर बढ़ाए गए इम्पोर्ट ड्यूटी (Import Duty) से भविष्य में कंजम्पशन (Consumption) में कमी आएगी और रेवेन्यू (Revenue) बढ़ेगा, जिसका असर कीमती धातुओं की डिमांड पर पड़ सकता है। यूएई (UAE) से इम्पोर्ट में गिरावट देखी गई है।
ट्रेड डेफिसिट में बढ़ोतरी
एक्सपोर्ट की उपलब्धियों के बावजूद, अप्रैल 2026 में मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट (Merchandise Trade Deficit) पिछले साल के $27.1 बिलियन से बढ़कर $28.4 बिलियन हो गया। यह बढ़ोतरी इसलिए हुई क्योंकि गुड्स इम्पोर्ट ($71.9 बिलियन) गुड्स एक्सपोर्ट ($43.56 बिलियन) की तुलना में ज़्यादा बढ़े। हालांकि, सर्विसेज सेक्टर (Services Sector) ने अपनी मजबूत गति बरकरार रखी, जिसके एक्सपोर्ट $37.2 बिलियन तक पहुंच गए, जिसने गुड्स डेफिसिट को संतुलित करने में मदद की।
मई 2026 के शुरुआती रुझान बताते हैं कि एक्सपोर्ट की यह तेजी जारी है, जो फिनेंशियल ईयर की एक मजबूत शुरुआत का संकेत दे रही है।