भारत और यूरोपीय संघ (EU) एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के करीब पहुंच रहे हैं। उम्मीद है कि यह समझौता 2027 की पहली तिमाही तक लागू हो जाएगा, जिससे भारतीय कंपनियों के लिए 27 यूरोपीय बाजारों के द्वार खुल जाएंगे।
कानूनी समीक्षा जल्द पूरी, 2027 तक लागू होने की उम्मीद
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर अच्छी खबर आई है। अधिकारियों का कहना है कि इस जटिल समझौते की कानूनी समीक्षा अगले 15 से 20 दिनों में पूरी हो जाएगी। इसके बाद इसे यूरोपीय आयोग और संसद से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
ब्रसेल्स में बैठकें, ट्रेड बढ़ाने पर जोर
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल जुलाई के मध्य में ब्रसेल्स का दौरा करेंगे। वे यूरोपीय देशों के मंत्रियों के साथ ट्रेड, डिजिटल टेक्नोलॉजी और विदेश मामलों पर चर्चा करेंगे। इसका मकसद समझौते को आगे बढ़ाना है, जो भारत के ग्लोबल ट्रेड को बढ़ाने की रणनीति का एक अहम हिस्सा है।
27 देशों के बाजार में भारतीय कंपनियों की एंट्री
सरकार का लक्ष्य है कि यह डील 2027 की पहली तिमाही तक लागू हो जाए। अगर यह सफल होता है, तो भारतीय व्यवसायों को 27 विकसित देशों के बाजारों में बेहतर पहुंच मिलेगी। इससे ट्रेड बैरियर कम होंगे और एक्सपोर्टर्स के लिए लागत घटेगी। जिन उद्योगों को अब तक कुछ ही देशों पर निर्भर रहना पड़ता है, उनके लिए यह एक्सपोर्ट बढ़ाने और मुनाफा कमाने का बड़ा मौका होगा।
चमड़ा उद्योग को सबसे ज्यादा फायदा
इस समझौते से चमड़ा उद्योग को सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है। फिलहाल, भारत का चमड़ा निर्यात लगभग 4 अरब डॉलर से 4.5 अरब डॉलर का है, जिसमें से करीब 77% निर्यात सिर्फ 15 देशों में होता है। सरकार चाहती है कि यह उद्योग अपने निर्यात को अगले 5 से 6 सालों में बढ़ाकर 15 अरब डॉलर तक ले जाए। इसके लिए इंडस्ट्री को अपने प्रोडक्ट डिजाइन, फिनिशिंग और ब्रांडिंग को बेहतर बनाना होगा ताकि यूरोपीय बाजारों में ग्लोबल प्लेयर्स से मुकाबला कर सके।
अन्य देशों के साथ भी बातचीत जारी
EU के अलावा, भारत कनाडा के साथ भी 2026 के अंत तक FTA पर काम कर रहा है। इसके साथ ही, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के साथ भी ट्रेड रिश्ते मजबूत किए जा रहे हैं। मेक्सिको और ब्राजील जैसे बड़े देशों के साथ भी बातचीत चल रही है। निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि यूरोपीय संसद इस डील को कब मंजूरी देती है, क्योंकि इसके लागू होने से पहले यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
