ITBP के DG शत्रुजीत सिंह कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में बॉर्डर तनाव की बात कही है, लेकिन राज्य सरकार के मंत्री बलो राजा ने इस दावे को खारिज कर दिया है। 3,488 किलोमीटर लंबी इंडिया-चाइना सीमा पर सुरक्षा को लेकर निवेशकों की नजरें आधिकारिक बयानों पर टिकी हैं।
Line of Actual Control (LAC) पर सुरक्षा स्थिति अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। ITBP के डायरेक्टर जनरल शत्रुजीत सिंह कपूर का कहना है कि जुलाई से ही अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भारतीय सेना और People's Liberation Army के बीच गतिरोध जारी है। उन्होंने खासतौर पर तक्सिंग इलाके में पेट्रोलिंग में आ रही बाधाओं का जिक्र किया, जो सितंबर में BRICS समिट के दौरान भी बरकरार थीं।
इसके जवाब में अरुणाचल प्रदेश सरकार के मंत्री बलो राजा ने पूरी तरह से अलग स्टैंड लिया है। उनका कहना है कि इसे 'स्टैंडऑफ' या तनाव का नाम देना गलत है, क्योंकि इससे देश की कमजोरी का गलत संकेत जाता है। उन्होंने दावा किया कि भारत का रक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी स्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।
इस विरोधाभास ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है। मार्केट और इन्वेस्टर्स के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि सीमा पर स्थिरता का सीधा असर कूटनीतिक रिश्तों और रीजनल सेंटिमेंट पर पड़ता है।
फिलहाल, विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) से जानकारी लेने को कहा है। सरकार का मानना है कि पेट्रोलिंग पैटर्न में मामूली अंतर एक सामान्य प्रक्रिया है जिसे सैन्य स्तर पर सुलझा लिया जाता है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रक्षा मंत्रालय इस पर क्या आधिकारिक बयान जारी करता है, क्योंकि निवेशकों के भरोसे के लिए स्पष्टता बेहद जरूरी है।
