Human Rights Watch (HRW) की एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस के 'Africa Corps' ने माली के Mopti क्षेत्र में **15 जून** को एक एयरस्ट्राइक की, जिसमें **8 नागरिकों** की जान चली गई। यह घटना माली की सत्ताधारी जुंटा की सुरक्षा रणनीति और देश में मौजूद रूसी सेना के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
एयरस्ट्राइक में 8 नागरिकों की मौत का आरोप
Human Rights Watch (HRW) ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है, जिसमें रूस के सैन्य समूह 'Africa Corps' पर माली में 15 जून को एक एयरस्ट्राइक करने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, Mopti क्षेत्र के Kyrnia गांव में हुई इस एयरस्ट्राइक में 8 नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें 3 बच्चे भी शामिल थे। HRW का कहना है कि इस हमले में सुखोई Su-24 विमान का इस्तेमाल किया गया था।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हमले में एक बम गांव के मुखिया के घर पर गिरा, जिससे उनका परिवार मारा गया, जबकि दूसरा बम मवेशी बाजार में गिरा। HRW ने 19 प्रत्यक्षदर्शियों के इंटरव्यू और सैटेलाइट इमेजरी का विश्लेषण करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि हमले के वक्त वहां कोई आतंकी मौजूद नहीं थे। यह बात रूसी सेना के उन दावों का खंडन करती है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर आतंकवादियों के जमावड़े को निशाना बनाने की बात कही थी।
माली की सुरक्षा रणनीति और रूस की भूमिका
मालूम हो कि 2021 से माली की सरकार पश्चिमी देशों से हटकर रूसी सुरक्षा सहायता पर अधिक निर्भर हो गई है। 'Africa Corps', जो कथित तौर पर देश में वैगनर ग्रुप की जगह ले रहा है, जुंटा के आतंकवाद-विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यह क्षेत्र अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े समूहों के साथ-साथ एक अलग तुआरेग विद्रोह से भी दबाव झेल रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इन विदेशी सैन्य बलों के कामकाज पर बारीकी से नजर रख रहा है। हालांकि माली की जुंटा सरकार देश को स्थिर करने का प्रयास कर रही है, लेकिन नागरिकों की मौतों की घटनाओं से अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार समूहों का दबाव बढ़ जाता है। हमलों के सटीक विवरण की स्वतंत्र पुष्टि की कमी इन अभियानों के स्थानीय आबादी पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने में एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर संभावित प्रभाव
Mopti की यह घटना माली की जटिल सुरक्षा स्थिति को और बढ़ाती है, जहां सरकार विभिन्न क्षेत्रों पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रही है। इन अभियानों में विदेशी सैन्य ठेकेदारों की भूमिका नागरिक नुकसान के लिए जवाबदेही के संबंध में अंतर्राष्ट्रीय बहस का विषय बनी हुई है। क्षेत्रीय विकास पर नजर रखने वाले निवेशक और अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षक यह देखने के लिए उत्सुक रहेंगे कि क्या माली की सरकार इन आरोपों की आधिकारिक जांच शुरू करती है। रूसी रक्षा मंत्रालय या माली की जुंटा की ओर से सैन्य आचरण पर किसी भी प्रकार की पारदर्शिता या आधिकारिक प्रतिक्रिया इस जारी स्थिति में अगले महत्वपूर्ण घटनाक्रम होंगे।
