BIS और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बोर्ड (FSB) का कहना है कि ग्लोबल सहमति की कमी से मार्केट की अखंडता (integrity) को नुकसान पहुंच सकता है, सिस्टमैटिक रिस्क (systemic risks) बढ़ सकते हैं और कंपनियां विभिन्न देशों के नियमों के बीच अंतर का फायदा उठाकर 'रेगुलेटरी आर्बिट्रेज' कर सकती हैं।
अलग-अलग रास्ते तलाश रहे देश
यह सब तब हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर एक समान नियमों को बनाने के प्रयास पिछले साल धीमे पड़ गए हैं। वहीं, प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अपने अलग-अलग रेगुलेटरी प्लान पर आगे बढ़ रही हैं। अमेरिका अभी भी फेडरल नियमों के लिए GENIUS Act जैसे कानूनों पर चर्चा कर रहा है, जबकि यूरोपीय संघ (EU) पहले ही अपने विस्तृत Markets in Crypto-Assets (MiCA) रेगुलेशन को लागू कर चुका है। इसके विपरीत, यूनाइटेड किंगडम (UK) 2026 के अंत तक स्टेबलकॉइन्स को अपने पेमेंट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में लाने की योजना बना रहा है। इस तरह की राष्ट्रीय समय-सीमाओं और अलग-अलग दृष्टिकोणों का जाल एक अप्रत्याशित माहौल बना रहा है।
पूरे स्टेबलकॉइन मार्केट की वैल्यूएशन करीब $303 बिलियन है। इसमें Tether (USDT) का मूल्य लगभग $187 बिलियन है, जबकि Circle (USDC) का मूल्य लगभग $78 बिलियन है।
स्टेबलकॉइन के जोखिम और सिस्टमैटिक चिंताएं
BIS के जनरल मैनेजर पाब्लो हर्नांडेज़ डी कॉस ने बताया कि USDT और USDC जैसे प्रमुख स्टेबलकॉइन्स अक्सर पारंपरिक मनी (money) की तुलना में सिक्योरिटीज (securities) या एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (exchange-traded funds) जैसे लगते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'रिडेम्पशन फ्रिक्शन' (redemption frictions) कीमतों को उनके तय $1 के स्तर से दूर धकेल सकती है। अचानक बड़े पैमाने पर निकासी (withdrawals) व्यापक वित्तीय बाजारों में लहरें पैदा कर सकती है। यह उस मार्केट के जोखिमों को दर्शाता है, जो क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस और लिक्विडिटी (liquidity) के लिए उपयोगी होने के बावजूद, अभी तक व्यापक रियल-इकोनॉमी पेमेंट (real-economy payment) उपयोग के लिए तैयार नहीं हो सकता है। 2025 में स्टेबलकॉइन्स के सालाना ट्रांजैक्शन वॉल्यूम (transaction volumes) का अनुमान $35 ट्रिलियन तक पहुंच गया था, लेकिन असली पेमेंट्स में उनका उपयोग पारंपरिक बैंकिंग की तुलना में सीमित है।
डी-पेगिंग, आर्बिट्रेज और रिजर्व की जांच
नियमों के अटकने से सबसे बड़ा खतरा 'रेगुलेटरी आर्बिट्रेज' का है। ग्लोबल सहमति के बिना, कंपनियां कम सख्त ओवरसाइट वाले ज्यूरिसडिक्शन (jurisdictions) में अपना काम ले जा सकती हैं, जिससे मार्केट की अखंडता और कंज्यूमर प्रोटेक्शन (consumer protection) के मानक कम हो सकते हैं। यह बिखराव लगातार एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और काउंटर-टेररिस्ट फाइनेंसिंग (CFT) कंट्रोल्स को भी बाधित करता है, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
ऐतिहासिक रूप से स्टेबलकॉइन पेग (peg) कमजोर साबित हुए हैं। अक्टूबर 2018 में, USDT अपने रिजर्व बैकिंग (reserve backing) को लेकर चिंताओं के बीच काफी हद तक डी-पेग (de-peg) हो गया था और $0.90 तक गिर गया था। हाल ही में, सिलिकॉन वैली बैंक (Silicon Valley Bank) के डिफॉल्ट के बाद मार्च 2023 में USDC $0.88 तक गिर गया था। यह दिखाता है कि रिजर्व लिक्विडिटी और वित्तीय सिस्टम की स्थिरता में विश्वास स्टेबलकॉइन के मूल्य को कैसे प्रभावित कर सकता है। Tether अपने रिजर्व्स को लेकर जांच को संबोधित करने के लिए एक 'बिग फोर' फर्म द्वारा अपने पहले फुल ऑडिट (full audit) से गुजर रहा है। हालांकि, बाजार में तनाव के दौरान लिक्विडिटी के लिए इसके अन्य संपत्तियों की संरचना चिंता का विषय बनी हुई है। Circle के USDC, जो कैश और शॉर्ट-टर्म अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड द्वारा बैक्ड है, ने भी अस्थायी दबाव का सामना किया।
BIS ने यह भी चेतावनी दी है कि बैंक डिपॉजिट (bank deposits) से स्टेबलकॉइन्स में बड़े बदलाव से बैंकों की फंडिंग कॉस्ट (funding costs) बढ़ सकती है, क्रेडिट टाइट (credit tight) हो सकता है और मॉनेटरी पॉलिसी (monetary policy) प्रभावित हो सकती है। इन डिजिटल संपत्तियों की संरचना, जिन्हें अक्सर साधारण मौद्रिक इकाइयों के बजाय निवेश वाहनों (investment vehicles) के रूप में देखा जाता है, अगर रिडेम्पशन की मांग रिजर्व क्षमता से अधिक हो जाती है तो बाजारों को अस्थिर कर सकती है।
आगे का रास्ता: स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग ज़रूरी
स्टेबलकॉइन रेगुलेशन का आगे का रास्ता चुनौतीपूर्ण है, जिसके लिए खंडित राष्ट्रीय प्रयासों के बीच की खाई को पाटने के लिए अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। अमेरिका और यूके जैसे प्रमुख ज्यूरिसडिक्शन में विधायी गति (legislative momentum) मौजूद है, लेकिन सामंजस्य (harmonization) हासिल करने के लिए निरंतर बातचीत और सिस्टमैटिक रिस्क को संबोधित करने की प्रतिबद्धता की आवश्यकता है। Tether द्वारा फुल ऑडिट के प्रयास और MiCA जैसे फ्रेमवर्क में सुधार पारदर्शिता और स्थिरता की आवश्यकता को दर्शाते हैं, जो स्टेबलकॉइन्स को वित्तीय प्रणाली में सुरक्षित रूप से एकीकृत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।
