फ्रांस में बढ़ती महंगाई और आर्थिक तंगी के चलते देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात इतने खराब हैं कि फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने फ्रांस के कर्ज आउटलुक को 'नेगेटिव' कर दिया है, क्योंकि देश का कर्ज अब जीडीपी के **120%** के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
फ्रांस इस वक्त अपने इतिहास के सबसे कठिन आर्थिक और सामाजिक दौर से गुजर रहा है। महंगाई और गिरती परचेजिंग पावर के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों की तादाद लाखों में है। हालांकि सरकारी आंकड़ों में 3,20,000 प्रदर्शनकारियों की बात कही गई है, लेकिन लेबर यूनियनों का दावा है कि यह संख्या कहीं ज्यादा है।
कर्ज का बोझ और फिच की चेतावनी
आर्थिक मोर्चे पर स्थिति बेहद गंभीर है। तीसरी तिमाही में फ्रांस की इकोनॉमी में गिरावट दर्ज की गई है। सरकारी खर्चों के चलते फ्रांस का पब्लिक डेट अब जीडीपी के लगभग 120% पर पहुंच चुका है। इसी जोखिम को देखते हुए फिच रेटिंग्स ने फ्रांस के डेट आउटलुक को 'नेगेटिव' कर दिया है। इसका मतलब साफ है कि अब सरकार के लिए लोन लेना और महंगा हो जाएगा, जिससे भविष्य की सरकारी योजनाओं पर तलवार लटक गई है।
ग्लोबल मार्केट्स और लग्जरी सेक्टर पर असर
फ्रांस के बाजारों में अस्थिरता का सीधा असर वहां के 'CAC 40' इंडेक्स पर पड़ सकता है, जिसमें कई लग्जरी गुड्स कंपनियां शामिल हैं। प्रदर्शनों के कारण सप्लाई चेन बाधित होने से इन कंपनियों के रेवेन्यू पर चोट पड़ सकती है। चेंबर ऑफ कॉमर्स के मुताबिक, अब तक रिटेलर्स को €1 बिलियन से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। निवेशकों को अब 2027 के बजट पर सरकार के फैसलों पर नजर रखनी होगी, क्योंकि अनिश्चितता का यह माहौल यूरो (Euro) में उतार-चढ़ाव पैदा कर सकता है।
