यूरोपियन कमीशन ने चीनी ई-कॉमर्स दिग्गज JD.com के जर्मन रिटेलर Ceconomy के **$2.5 बिलियन** के अधिग्रहण की जांच शुरू कर दी है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि नियामकों को संदेह है कि कहीं चीनी सरकारी सब्सिडी ने JD.com को बोली लगाने में अनुचित फायदा तो नहीं दिया।
Detailed Coverage
अनुचित सरकारी सहायता का शक
यूरोपीय कमीशन विदेशी सब्सिडी नियमों के तहत इस सौदे की जांच कर रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यूरोपीय संघ के बाहर की कंपनियां, जिन्हें सरकारी वित्तीय मदद मिली है, यूरोपीय कंपनियों के अधिग्रहण के दौरान बाज़ार में कोई गलत प्रतिस्पर्धात्मक लाभ न उठा सकें। कमीशन इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या JD.com को चीनी सरकार से ऐसी कोई मदद मिली है, जैसे कि रियायती लोन, टैक्स छूट या अन्य ग्रांट, जिससे उन्हें बोली लगाने में दूसरों पर बढ़त मिली हो।
यूरोप में पैठ बनाने की कोशिश
JD.com के लिए, Ceconomy का अधिग्रहण चीन के बाहर अपने कारोबार को बढ़ाने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। Ceconomy, जिसके पास MediaMarkt और Saturn जैसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल ब्रांड हैं, के अधिग्रहण से JD.com को यूरोप में तुरंत अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और एक स्थापित ग्राहक आधार हासिल करने में मदद मिलेगी। यह कदम JD.com को एक मुख्य रूप से चीन-केंद्रित प्लेटफॉर्म से एक वैश्विक रिटेल खिलाड़ी के रूप में बदल सकता है।
आगे क्या?
JD.com ने कहा है कि वे इस जांच को एक सामान्य प्रक्रिया मानते हैं और उन्हें सौदे के सफल होने की उम्मीद है। यूरोपीय कमीशन ने इस मामले पर अपना अंतिम निर्णय 2 अक्टूबर 2026 तक देने की समय-सीमा तय की है। इस तारीख पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी, क्योंकि कमीशन का फैसला ही तय करेगा कि यह अधिग्रहण आगे बढ़ पाएगा या नहीं, या इसमें कोई बदलाव करना होगा।
