यूरोपीय संघ (EU) ने सोमालियाई नागरिकों के लिए वीज़ा मिलना मुश्किल कर दिया है। EU का कहना है कि सोमालियाई सरकार अवैध रूप से रह रहे अपने नागरिकों को वापस भेजने में सहयोग नहीं कर रही है। इस नए नियम से वीज़ा मिलने में ज़्यादा समय लगेगा और यात्रा के विकल्प भी सीमित हो जाएंगे। यह कदम यूरोप के बढ़ते माइग्रेशन कंट्रोल (Migration Control) के दबाव को दर्शाता है।
क्या हुआ?
यूरोपीय संघ (EU) ने सोमालिया के खिलाफ़ वीज़ा पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सदस्य देशों ने यूरोपीय आयोग (European Commission) की रिपोर्ट के बाद इन उपायों को मंजूरी दी है। आयोग का मानना है कि सोमालियाई सरकार यूरोप में अवैध रूप से रह रहे अपने नागरिकों को वापस अपने देश भेजने में पर्याप्त सहयोग नहीं कर रही है। यह फैसला दोनों क्षेत्रों के बीच माइग्रेशन कंट्रोल (Migration Control) को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम मोड़ है।
यात्रा और कूटनीति पर असर
नए नियम उन लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे जिन्हें EU की यात्रा करनी है। वीज़ा प्रोसेसिंग का सामान्य समय 15 दिनों से बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है, जिससे यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए देरी होगी। इसके अलावा, EU ने डिप्लोमैटिक पासपोर्ट (Diplomatic Passport) धारकों के लिए वीज़ा शुल्क में छूट को खत्म कर दिया है और मल्टीपल-एंट्री वीज़ा (Multiple-Entry Visa) जारी करने पर भी रोक लगा दी है। इन बदलावों से राजनयिक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार यात्राओं और सोमालियाई प्रतिनिधियों और उनके यूरोपीय समकक्षों के बीच औपचारिक बातचीत में बाधा आ सकती है।
EU की माइग्रेशन पॉलिसी का संदर्भ
यह कदम EU की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जहाँ वह सीमा नियंत्रण और प्रवासियों की वापसी से जुड़े कूटनीतिक वार्ताओं में वीज़ा नीति का इस्तेमाल एक हथियार के तौर पर करता है। EU अतीत में भी ऐसे प्रतिबंध लगा चुका है ताकि मूल देशों को अपने नागरिकों को वापस लेने की अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए मजबूर किया जा सके। उदाहरण के लिए, 2021 में The Gambia पर भी ऐसे ही प्रतिबंध लगाए गए थे। हालांकि, इस तरह के उपायों से समाधान भी निकल सकता है; EU ने मई 2026 में इथियोपिया (Ethiopia) के साथ वीज़ा प्रतिबंध हटा दिए थे, जब देश ने अपने नागरिकों को वापस लेने की प्रक्रिया में सहयोग बढ़ाया था।
सोमालिया का पक्ष
सोमालिया के राष्ट्रपति, हसन शेख महमूद (Hassan Sheikh Mohamud) ने इस गतिरोध पर सार्वजनिक रूप से बात की है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार अपने नागरिकों को स्वीकार करने के लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने महत्वपूर्ण व्यावहारिक चुनौतियों का उल्लेख किया। प्रशासन का तर्क है कि वापसी के लिए सूचीबद्ध कई व्यक्ति वास्तव में सोमालियाई नागरिक हो ही न। राष्ट्रपति महमूद ने बताया कि हॉर्न ऑफ अफ्रीका (Horn of Africa) के लोग दिखने में समान हो सकते हैं, और देश को ऐसे मामले मिले हैं जहाँ लौटे हुए लोग सोमाली भाषा नहीं बोल पाते थे। उन्होंने संकेत दिया कि पहचान सत्यापन (Identity Verification) के ये मुद्दे सहयोग में देरी के मुख्य कारण हैं।
आगे क्या?
पर्यवेक्षकों के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि पहचान सत्यापन (Identity Verification) को लेकर कूटनीतिक बातचीत कैसे आगे बढ़ती है। इन वीज़ा प्रतिबंधों की अवधि अभी अनिश्चित है और यह इस बात पर निर्भर करेगा कि मोगादिशु (Mogadishu) और EU अधिकारी लौटे हुए लोगों की पहचान प्रक्रिया पर कोई समझौता कर पाते हैं या नहीं। नीति में कोई भी बदलाव इस क्षेत्र के भीतर राजनयिक संबंधों में सुधार या निरंतर तनाव का संकेत देगा।
