Colombo Port City: भारतीय कंपनियों के लिए नया हब, $15 बिलियन के प्रोजेक्ट में मिलेंगी ये खास सुविधाएं

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Colombo Port City: भारतीय कंपनियों के लिए नया हब, $15 बिलियन के प्रोजेक्ट में मिलेंगी ये खास सुविधाएं

श्रीलंका का Colombo Port City अपनी **269 हेक्टेयर** की स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) के लिए भारतीय कंपनियों को लुभा रहा है। यहां इंडियन रुपये में ट्रांजेक्शन और आसान वीजा पॉलिसी जैसे आकर्षक ऑफर दिए जा रहे हैं।

भारत से कितनी दूर है ये मौका?

कोलंबो पोर्ट सिटी अब भारतीय व्यवसायों के लिए एक 'इंडिया-प्लस-वन' लोकेशन बनने की तैयारी में है। यह प्रोजेक्ट उन कंपनियों के लिए है जो भारत से बाहर अपने रीजनल हेडक्वार्टर, डिजास्टर रिकवरी सेंटर या ग्लोबल सर्विस ऑपरेशन खोलना चाहती हैं। ध्यान रहे, यह एक सर्विस-ओनली ज़ोन है, इसलिए मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां इसमें हिस्सा नहीं ले सकेंगी। चेन्नई से महज 1 घंटे की हवाई दूरी के कारण, यह दक्षिणी भारत की कंपनियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है।

कंपनियों को मिलेंगे ये बड़े फायदे

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए Colombo Port City Economic Commission ने कई बड़े बदलाव किए हैं:

  • करेंसी सुविधा: कंपनियां अब डॉलर के साथ-साथ इंडियन रुपये में भी बिजनेस ट्रांजेक्शन कर सकेंगी।
  • सिंगल-विंडो सिस्टम: अप्रूवल प्रोसेस को आसान बनाने के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम लागू किया गया है।
  • वीजा और स्टाफ: स्टाफ और इन्वेस्टर्स के लिए 5 से 10 साल तक के लॉन्ग-टर्म वीजा का प्रावधान है, साथ ही भारतीय कर्मचारियों की संख्या पर कोई लिमिट नहीं है।

फिलहाल क्या है स्थिति?

अब तक लगभग 250 कंपनियां इस ज़ोन के फ्रेमवर्क में रजिस्टर हो चुकी हैं। हालांकि अभी फिजिकल निर्माण का काम जारी है, लेकिन ये कंपनियां फिलहाल कोलंबो में ही 1.3 मिलियन स्क्वायर फीट ऑफिस स्पेस का इस्तेमाल कर रही हैं। मौजूदा टेनेंट्स में 20% कंपनियां UAE से हैं। इस $15 बिलियन के प्रोजेक्ट की सफलता अब पूरी तरह से इसके इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और बिजनेस इकोसिस्टम को खड़ा करने की रफ्तार पर टिकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.