Cleveland-Cliffs की सहायक कंपनी Stelco द्वारा **500** कर्मचारियों की छंटनी करने के फैसले पर कनाडा सरकार ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। कंपनी का कहना है कि अमेरिका-कनाडा ट्रेड टैरिफ के कारण डिमांड में **25%** की गिरावट आई है, जो उनके ऑपरेशंस पर भारी पड़ रही है।
कनाडाई प्रशासन अब Cleveland-Cliffs के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपना रहा है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि कंपनी ने अपने पुराने वादों को पूरा नहीं किया, तो सरकार कानूनी रास्ता अपनाएगी। विवाद का मुख्य कारण अक्टूबर 2024 में हुए CAD 3.4 बिलियन के अधिग्रहण के दौरान किया गया वह एग्रीमेंट है, जिसमें कंपनी ने 5 साल तक रोजगार बरकरार रखने की प्रतिबद्धता जताई थी।\n\n### वादों का उल्लंघन और विवाद\n\nतनाव तब बढ़ा जब कंपनी ने ओंटारियो स्थित हैमिल्टन प्लांट में ऑपरेशंस को बंद करने और 500 कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला लिया। कंपनी अब प्रोडक्शन को नैनटिकोक की लेक एरी फैसिलिटी में शिफ्ट करना चाहती है। कनाडा सरकार का मानना है कि यह अधिग्रहण के दौरान तय की गई रेगुलेटरी शर्तों का सीधा उल्लंघन है।\n\n### ट्रेड टैरिफ का गहरा असर\n\nअपनी सफाई में Cleveland-Cliffs का तर्क है कि अमेरिका और कनाडा के बीच लगे 50% के पारस्परिक टैरिफ के कारण बाजार की स्थिति बदली है। 2026 की दूसरी तिमाही में स्टेलको की स्पेशलिटी प्रोडक्ट्स की डिमांड में 25% की गिरावट देखी गई है। कंपनी के CEO लोउरेंको गोंकाल्वेस ने हालांकि अमेरिकी टैरिफ नीति का समर्थन किया है, लेकिन यही स्टैंड अब कनाडा में उनके लिए कानूनी मुसीबत बन गया है।\n\n### निवेशकों के लिए जोखिम\n\nइस घटनाक्रम ने वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन में ट्रेड प्रोटेक्शनिज्म के बढ़ते खतरों को उजागर कर दिया है। निवेशकों के लिए चिंता का विषय संभावित कानूनी खर्च, रेगुलेटरी पेनल्टी और ऑपरेशंस में आ रही बाधाएं हैं। यह मामला याद दिलाता है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहण अक्सर कड़े एंप्लॉयमेंट मैंडेट के साथ आते हैं, जिनका उल्लंघन कंपनी की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को जोखिम में डाल सकता है।
