चीन के शेयर बाजार के लिए बड़ी बुरी खबर है। जून के अपने ऊपरी स्तर से **20%** की बड़ी गिरावट के साथ CSI 300 इंडेक्स आधिकारिक तौर पर 'बीयर मार्केट' में प्रवेश कर चुका है। निवेशकों का भरोसा टूटने और कमजोर सरकारी प्रोत्साहन के चलते बाजार में भारी बिकवाली देखी जा रही है।
चीन के शेयर बाजार में गहरा संकट दिख रहा है। बेंचमार्क इंडेक्स CSI 300 का जून के अपने पीक से 20% फिसलना इस बात का संकेत है कि निवेशकों का कॉन्फिडेंस पूरी तरह डगमगा गया है। बाजार को उम्मीद थी कि सरकार अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए बड़े प्रोत्साहन (Stimulus) पैकेज का ऐलान करेगी, लेकिन उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। इसका असर हॉन्गकॉन्ग में लिस्टेड चीनी कंपनियों पर भी दिख रहा है, जहां दबाव काफी ज्यादा है।
CATL की सुस्ती ने बढ़ाई चिंता
मार्केट की गिरावट में कॉर्पोरेट अर्निंग्स का भी बड़ा हाथ है। इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी बनाने वाली दिग्गज कंपनी Contemporary Amperex Technology (CATL) के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। कंपनी का प्रॉफिट ग्रोथ धीमा होने की खबरों के बाद इसके शेयर में 12% की बड़ी गिरावट आई। यह सेक्टर के लिए एक खतरे की घंटी है, क्योंकि बढ़ते कॉम्पिटिशन और प्राइस वॉर के कारण कंपनियों के मार्जिन पर भारी दबाव है।
सरकार की रणनीति पर सवाल
चीन की तीसरी तिमाही की जीडीपी के आंकड़े सरकारी लक्ष्य के मुताबिक रहे, लेकिन बाजार इसे पचा नहीं पा रहा है। बीजिंग की तरफ से केवल छोटी और लक्षित सहायता दी जा रही है, जबकि वैश्विक निवेशक बड़े फिस्कल पैकेज की उम्मीद कर रहे थे। प्रॉपर्टी सेक्टर के संकट और कमजोर घरेलू मांग के सामने सरकार की यह 'मदद' नाकाफी साबित हो रही है।
आगे क्या होगा?
बाजार फिलहाल किसी मजबूत सपोर्ट लेवल को ढूंढने में संघर्ष कर रहा है। अब निवेशकों की नजर बीजिंग के अगले फैसलों पर है कि क्या वे घरेलू मांग को बढ़ाने के लिए कुछ बड़ा कदम उठाएंगे। जब तक कॉर्पोरेट अर्निंग्स और कंज्यूमर डिमांड में रिकवरी के ठोस संकेत नहीं मिलते, तब तक बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की पूरी आशंका है।
