शेन्ज़ेन (Shenzhen) प्रशासन ने एक प्रोग्रामर की मौत को 'वर्क-रिलेटेड' मानने से साफ इनकार कर दिया है। अधिकारियों का तर्क है कि कर्मचारी ने अभी अपनी डेस्क तक पहुंचना भी शुरू नहीं किया था। इस फैसले ने चीन के टेक सेक्टर में काम के माहौल और गवर्नेंस रिस्क को लेकर बहस छेड़ दी है।
अप्रैल 2026 में शेन्ज़ेन की एक टेक फर्म में 39 वर्षीय प्रोग्रामर की मौत ने एक कानूनी और नैतिक जंग छेड़ दी है। कर्मचारी ने बिल्डिंग में प्रवेश तो किया, लेकिन 11वीं मंजिल पर अपनी डेस्क पर पहुंचने से पहले ही वॉशरूम में वह गिर गए और उनकी जान चली गई।
प्रशासन का अजीब तर्क
जुलाई 2026 में शेन्ज़ेन ह्यूमन रिसोर्सेज एंड सोशल सिक्योरिटी ब्यूरो ने परिवार की अपील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि चूंकि कर्मचारी ने अभी अपना कंप्यूटर ऑन नहीं किया था, इसलिए उन्हें 'ड्यूटी पर' नहीं माना जा सकता। इस फैसले के चलते परिवार को 1.1 मिलियन युआन की सरकारी आर्थिक मदद और अंतिम संस्कार के खर्च से वंचित होना पड़ा है।
कानूनी लड़ाई और निवेशकों के लिए रिस्क
मृतक का परिवार अब प्रशासनिक समीक्षा (Administrative Review) की मांग कर रहा है। कानूनी जानकारों का मानना है कि पहले के अदालती फैसलों में कर्मचारियों को राहत मिली है, इसलिए इस फैसले को चुनौती दी जा सकती है।
यह मामला चीन के कुख्यात '996' वर्क कल्चर (सुबह 9 से रात 9, हफ्ते में 6 दिन काम) की क्रूरता को फिर से चर्चा में ले आया है। निवेशकों के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है। अगर कंपनियां ऐसी वर्क पॉलिसी जारी रखती हैं, तो आने वाले समय में रेगुलेटरी हस्तक्षेप और लेबर पॉलिसी में सख्ती बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर कंपनी के संचालन और गवर्नेंस रिपोर्ट (ESG) पर पड़ेगा।
