चीन के कंज्यूमर गुड्स शेयर्स दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। निवेश का पैसा अब तेजी से AI और टेक सेक्टर की ओर शिफ्ट हो रहा है, जिससे कंज्यूमर सेक्टर की कमर टूट गई है।
चीन का कंज्यूमर मार्केट और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के बीच की दूरी लगातार बढ़ती जा रही है, जिसका खामियाजा रिटेल और लग्जरी शेयर्स को भुगतना पड़ रहा है। पिछले 6 महीनों में MSCI China के कंज्यूमर गुड्स सब-इंडेक्स में करीब 18% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े इंडेक्स का वैल्यूएशन 2016 के बाद से दोगुना हो चुका है। बीजिंग का पूरा ध्यान अब पारंपरिक कंजम्पशन के बजाय स्टेट-बैक्ड इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर है।
आंकड़ों में कमजोरी
रिटेल सेल्स की ग्रोथ धीमी होकर महज 0.4% पर सिमट गई है। अर्निंग्स सीजन की बात करें तो कंज्यूमर स्टेपल्स कंपनियों का मुनाफा उम्मीदों से 47% कम रहा है, जबकि डिस्क्रीशनरी गुड्स बनाने वाली कंपनियों का मुनाफा 10% पीछे है। Shede Spirits Co. जैसी दिग्गज कंपनियां इसे 'डीप एडजस्टमेंट फेज' मान रही हैं, वहीं Nanjing Central Emporium में ग्राहकों की भीड़ लगातार घट रही है।
प्रीमियम ब्रांड्स पर भी असर
एक समय सुरक्षित माने जाने वाले ब्रांड्स भी अब मुश्किल में हैं। Kweichow Moutai Co. ने 2026 की पहली छमाही में नेट प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की है। इसकी मुख्य वजह चीन का प्रॉपर्टी मार्केट क्राइसिस है, जिसने आम आदमी की जेब और भरोसे दोनों को चोट पहुंचाई है।
क्या है निवेशकों के लिए राय?
फिलहाल बीजिंग की तरफ से घरेलू खर्च बढ़ाने के लिए किसी बड़े फिस्कल स्टिमुलस के संकेत नहीं हैं। हालांकि, कंज्यूमर स्टॉक्स अभी काफी सस्ते वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं, लेकिन जब तक सरकार सीधे तौर पर घरेलू डिमांड को सपोर्ट नहीं करती, तब तक इस सेक्टर में रिकवरी के आसार धुंधले दिख रहे हैं।
