स्पेन के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र Catalonia ने भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए 2026-2030 की रणनीति तैयार की है। नई दिल्ली में नया ट्रेड ऑफिस खुलने के साथ ही अब सेमीकंडक्टर्स, AI और डीपटेक जैसे सेक्टरों में बड़ा निवेश देखने को मिल सकता है।
स्पेन के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र Catalonia ने भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए 2026-2030 का एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। इस रणनीति का मुख्य लक्ष्य सेमीकंडक्टर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्पेस टेक्नोलॉजी और हेल्थ-टेक जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टरों में तालमेल बैठाना है। इस मिशन को गति देने के लिए नई दिल्ली में 'Catalonia Trade & Investment' का नया कार्यालय खोला गया है, जो दोनों देशों की कंपनियों को ऑपरेशनल सपोर्ट प्रदान करेगा।
औद्योगिक एकीकरण पर जोर
यह पहल केवल सामान्य व्यापार से आगे बढ़कर जटिल औद्योगिक एकीकरण की ओर है। बार्सिलोना की कूलिंग टेक्नोलॉजी फर्म Submer ने पहले ही मध्य प्रदेश में अपना कामकाज शुरू कर दिया है, जो इस दिशा में एक बड़ा कदम है। भारत अपनी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ा रहा है, और कैटलन कंपनियां इस ग्रोथ स्टोरी में अपनी विशेषज्ञता के साथ जुड़ना चाहती हैं।
मौजूदा स्थिति और भविष्य की राह
अभी के आंकड़ों के अनुसार, 99 कैटलन कंपनियां भारत में और 67 भारतीय कंपनियां Catalonia में सक्रिय हैं। हाल ही में NASSCOM के साथ हस्ताक्षरित 'लेटर ऑफ इंटेंट' दोनों क्षेत्रों के बीच रिसर्च और कमर्शियल कोलैबोरेशन के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करेगा।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों के लिए यह सहयोग टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और R&D तालमेल का एक नया जरिया है। हालांकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लॉजिस्टिकल बाधाएं कितनी जल्दी दूर होती हैं और क्या भारत-बार्सिलोना के बीच सीधी फ्लाइट सेवा शुरू होती है। आने वाले समय में, इन संस्थागत समझौतों का असर मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट और कंपनियों के मुनाफे पर कैसा पड़ता है, इस पर नजर रखना जरूरी होगा।
