Canada भारत के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को नई रफ्तार दे रहा है। दोनों देशों के बीच एनर्जी और फर्टिलाइजर सेक्टर पर खास फोकस है, जिससे Indian निवेशकों के लिए सप्लाई चेन स्थिर होने और लागत घटने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
व्यापार का नया मोर्चा
Canadian International Trade Minister Maninder Sidhu के अनुसार, नई दिल्ली में हालिया बातचीत बेहद सकारात्मक रही है और अगले कुछ महीनों में एक व्यापक ट्रेड एग्रीमेंट (Trade Agreement) पर मुहर लग सकती है। Canada अब अपनी अर्थव्यवस्था को अमेरिका पर निर्भरता कम करके भारत जैसे नए बाजारों की ओर डायवर्सिफाई कर रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका के बाहर Canada के एक्सपोर्ट में पिछले एक साल में 17% की जोरदार बढ़त देखी गई है, जो पिछले चार दशकों का सबसे मजबूत प्रदर्शन है।
Fertilizer और Energy सेक्टर पर असर
भारत के लिए यह समझौता गेम-चेंजर साबित हो सकता है। भारत पोटाश (Potash) का बड़ा आयातक है, जो फर्टिलाइजर बनाने के लिए कच्चा माल है। Canada पोटाश का सबसे बड़ा उत्पादक है, ऐसे में लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट्स से भारतीय फर्टिलाइजर कंपनियों की इनपुट कॉस्ट में आने वाली वोलेटिलिटी (Volatility) कम हो सकती है।
एनर्जी सेक्टर में, बातचीत मुख्य रूप से Liquefied Natural Gas (LNG) और न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी पर केंद्रित है। भारत अपनी एनर्जी बास्केट को डायवर्सिफाई करना चाहता है ताकि ग्लोबल सप्लाई चेन में होने वाले किसी भी व्यवधान का असर कम हो सके।
निवेश के लिहाज से सावधानी
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ट्रेड नेगोशिएशन अक्सर भू-राजनीतिक (Geopolitical) बदलावों के प्रति संवेदनशील होते हैं। हालांकि यह खबर सप्लाई चेन के लिए सकारात्मक है, लेकिन अंतिम लाभ इस पर निर्भर करेगा कि टैरिफ में कितनी कटौती होती है और कनाडाई सामान अन्य ग्लोबल सप्लायर्स के मुकाबले कितना किफायती रहता है। अभी निवेशकों को ऑफिशियल अनाउंसमेंट्स और एग्रीमेंट की टाइमलाइन पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
