पाकिस्तान के काराकोरम रेंज में स्थित 8,051 मीटर ऊंचे ब्रॉड पीक पर एक घातक हिमस्खलन (Avalanche) के बाद बचाव अभियान जारी है। इस अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल के 10 सदस्यों में से 8 को बरामद कर लिया गया है, जबकि दो लापता पर्वतारोहियों की तलाश में टीमें जुटी हुई हैं।
माउंटन पर क्या हुआ?
यह घटना पिछले गुरुवार को लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर हुई, जब पर्वतारोहण का एक दल भीषण हिमस्खलन की चपेट में आ गया। इस हादसे में 10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय दल के 8 सदस्यों की जान चली गई। फिलहाल, पाकिस्तानी पर्वतारोही सोहेल सखी और न्वांग थिंडू शेरपा नामक दो पर्वतारोहियों का जमीन के रास्ते पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
बचाव कार्य में भारी मुश्किलें
ऊंचाई पर खराब मौसम बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बन रहा है। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान के अनुसार, हेलीकॉप्टर सहायता तैयार है, लेकिन वर्तमान मौसम की स्थिति के कारण हवाई मार्ग से बचाव संभव नहीं हो पा रहा है। इस वजह से, बचाव दल को दलदल और अत्यधिक ठंड में पैदल ही खोजबीन करनी पड़ रही है, जो लापता लोगों और बचाव दल दोनों के लिए बेहद खतरनाक है।
अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय पर असर
इस दल में नेपाल, पाकिस्तान, ओमान, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन जैसे देशों के पर्वतारोही शामिल थे, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री, इशाक डार ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।
बरामद किए गए लोगों में ब्रिटिश-नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुरजा भी शामिल हैं, जो दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियों को फतह करने के रिकॉर्ड के लिए जाने जाते हैं। उनके शव लगभग 5,700 मीटर की ऊंचाई पर मिले। नेपाल से पुर बहादुर गुरुंग, किली पेम्बा शेरपा, निमा शेरपा और ग्यालु शेरपा; ओमान से नधायरा अहमद अब्दुल्ला अल हर्थी; संयुक्त राज्य अमेरिका से मैलोरी गेइस; और चीन से वांग झोंग भी बरामद किए गए हैं।
आगे क्या?
अधिकारियों और पर्वतारोहण समुदाय का मुख्य ध्यान अभी भी लापता दो पर्वतारोहियों की तलाश पर है। बचाव अभियान की स्थिति मौसम में सुधार पर निर्भर करेगी, जिससे हवाई सहायता मिल सके और जमीनी टीमों पर शारीरिक बोझ कम हो सके। यह घटना ऊंचे पहाड़ी अभियानों के अंतर्निहित खतरों और अप्रत्याशित पर्यावरणीय जोखिमों को रेखांकित करती है।
