बर्लिन में प्राइड फेस्टिवल के पास शनिवार को हुई वैन से टक्कर मारने और चाकू से हमला करने की घटना को जर्मन अधिकारियों ने इस्लामी आतंकी हमला करार दिया है। संदिग्ध अब्दुल बॉलआउट अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। इस घटना के बाद पूरे यूरोप में सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।
Detailed Coverage
बर्लिन प्राइड फेस्टिवल में दहशत का मंजर
जर्मन अधिकारियों ने शनिवार देर रात बर्लिन में क्रिस्टोफर स्ट्रीट डे (Christopher Street Day) समारोह के पास हुई हिंसक घटना को आधिकारिक तौर पर इस्लामी आतंकी हमला घोषित कर दिया है। यह घटना टियरगार्टन पार्क (Tiergarten park) में हुई, जहाँ एक सफेद वैन को सीधे उत्सव मना रहे लोगों की भीड़ में घुसा दिया गया, जिसके बाद वैन एक पेड़ से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वैन के रुकने के बाद, हमलावर ने कथित तौर पर लोगों पर छुरा से हमला किया।
हताहतों की संख्या और सरकारी प्रतिक्रिया
जर्मनी के इंटीरियर मिनिस्टर अलेक्जेंडर डोब्रिंट (Alexander Dobrindt) ने पुष्टि की है कि इस हमले में कुल 30 लोग प्रभावित हुए, जिनमें से 1 व्यक्ति की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई। घायलों में से 3 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि 8 अन्य को गंभीर चोटें आई हैं और 5 मामूली रूप से घायल हुए हैं। चांसलर फ्रेडरिक मेर्ट्ज़ (Friedrich Merz) ने इस हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर सामाजिक मूल्यों पर हमला है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यवस्था बनाए रखने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
जारी जांच और सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस ने मुख्य संदिग्ध की पहचान अब्दुल बॉलआउट (Abdul Ballout) के रूप में की है, जो लेबनानी मूल का जर्मन नागरिक है। अधिकारियों ने जनता के लिए चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि संदिग्ध सशस्त्र और खतरनाक है, और नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे उससे भिड़ने की कोशिश न करें। बर्लिन के शोंबर्ग जिले (Schoneberg district) में तलाशी अभियान चलाया गया है, लेकिन अभी तक संदिग्ध का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस प्रवक्ता फ्लोरियन नाथ (Florian Nath) ने बताया कि संदिग्ध के इस्लामी समूहों से संबंध होने की जानकारी मिली है और उसके बैकग्राउंड व संभावित सहयोगियों की जांच चल रही है।
सार्वजनिक आयोजनों पर असर
इस हमले के कारण परेड से जुड़े बाकी उत्सवों को तुरंत रद्द कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उत्सव का माहौल पल भर में अफरातफरी और आपातकालीन प्रतिक्रिया में बदल गया। जर्मनी के अलावा, पड़ोसी देशों ने भी अपनी सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा शुरू कर दी है। नीदरलैंड्स, जो वर्तमान में एम्स्टर्डम (Amsterdam) में वर्ल्ड प्राइड (World Pride) कार्यक्रमों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, वहां भी आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने के साथ-साथ उपस्थित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ाया जा रहा है।
