शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल के भाव **$104** प्रति बैरल के नीचे आने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से निवेशकों की चिंताएं कम हुई हैं, जिससे बाजारों को राहत मिली है।
बाजार में सुधार की मुख्य वजह
एशियाई बाजारों के लिए आज की सुबह काफी राहत भरी रही। MSCI Asia-Pacific इंडेक्स में 0.3% की बढ़त दर्ज की गई, जिसे अमेरिकी बाजारों की तेजी का सीधा सपोर्ट मिला। अमेरिका में S&P 500 और Nasdaq के मजबूत प्रदर्शन ने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया है।
क्रूड ऑयल और भारत
बाजार में इस सकारात्मक रुख की सबसे बड़ी वजह ब्रेंट क्रूड का $104 प्रति बैरल के स्तर से नीचे आना है। भारत जैसे बड़े एनर्जी इम्पोर्टर देशों के लिए यह एक बहुत ही राहत की खबर है। सऊदी अरब में पाइपलाइन क्षमता बहाल होने की खबरों के बाद सप्लाई को लेकर बनी आशंकाएं कम हुई हैं, जिससे महंगाई और ट्रेड बैलेंस पर दबाव कम होने की उम्मीद जगी है।
बॉन्ड मार्केट और ग्लोबल रुख
ग्लोबल बॉन्ड मार्केट से भी अच्छी खबर है। इस हफ्ते 5% के स्तर को पार करने के बाद, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड घटकर 4.93% पर आ गई है। जब अमेरिकी यील्ड में कमी आती है, तो इमर्जिंग मार्केट्स से कैपिटल आउटफ्लो कम हो जाता है। साथ ही, Bank of England ने भी अपने लॉन्ग-डेट बॉन्ड सेल्स को फिलहाल रोककर एक नरमी का संकेत दिया है।
अब आगे क्या?
अब सबकी नजरें Bank of Japan के इंटरेस्ट रेट पॉलिसी के ऐलान पर टिकी हैं। बाजार को उम्मीद है कि दरें 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 1.25% हो सकती हैं। गवर्नर काज़ुओ उएडा (Kazuo Ueda) के बयान पर दुनिया भर के निवेशकों की नजर होगी, क्योंकि यह ग्लोबल लिक्विडिटी की दिशा तय करेगा।
हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच की स्थिति अभी भी एक बड़ा रिस्क बनी हुई है। मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह का तनाव फिर से ऑयल की कीमतों में आग लगा सकता है, इसलिए निवेशकों को अभी सतर्क रहने की जरूरत है।
