Asian Markets: क्रूड ऑयल की आग और येन की मजबूती ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन

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AuthorAditya Rao|Published at:
Asian Markets: क्रूड ऑयल की आग और येन की मजबूती ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन

एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। मिडल ईस्ट में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड **$97** प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, वहीं जापानी येन फरवरी के बाद अपने सबसे मजबूत स्तर **153.51** प्रति डॉलर पर पहुंच गया है। भारतीय निवेशकों के लिए यह स्थिति महंगाई और विदेशी फंड फ्लो के लिहाज से अहम है।

एशियाई फाइनेंशियल मार्केट्स में मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को काफी उठापटक देखी जा रही है। इसकी मुख्य वजह है कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और जापानी येन की ताकत, जो निवेशकों के मन में अनिश्चितता पैदा कर रही है। मिडल ईस्ट में ईरान की धमकियों के बाद एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले के डर से ब्रेंट क्रूड $97 प्रति बैरल के पास ट्रेड कर रहा है, जिससे सप्लाई चेन पर खतरा मंडरा रहा है।

भारत पर क्या होगा असर?

भारतीय निवेशकों के लिए क्रूड ऑयल एक बेहद जरूरी कमोडिटी है। चूंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए $97 का स्तर सीधा असर डालेगा। इससे देश का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा, ट्रेड डेफिसिट पर दबाव आएगा और अगर कंपनियों ने यह लागत ग्राहकों पर डाली, तो महंगाई और बढ़ सकती है। यह सेक्टर विशेषकर मैन्युफैक्चरिंग और ट्रांसपोर्ट के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।

जापानी येन और मार्केट लिक्विडिटी

जापानी येन 153.51 प्रति डॉलर तक मजबूत हुआ है, जो 18 फरवरी 2026 के बाद का उच्चतम स्तर है। वहां के आर्थिक आंकड़ों में जुलाई में रियल वेजेस में 2.4% की बढ़ोतरी देखी गई है और Q2 की ग्रोथ को 1.4% तक रिवाइज किया गया है। इसके चलते मार्केट में 98% उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान 17-18 सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ा सकता है। येन की मजबूती 'कैरी ट्रेड' को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।

US बॉन्ड यील्ड का दबाव

एशिया के बाहर अमेरिकी बॉन्ड मार्केट भी निवेशकों को डरा रहा है। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड फिलहाल 4.788% पर है। जब अमेरिकी यील्ड बढ़ती है, तो ग्लोबल कैपिटल इमर्जिंग मार्केट यानी भारत जैसे देशों से निकलकर अमेरिका की तरफ शिफ्ट होने लगती है। मार्केट में 60% संभावना जताई जा रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व 16 सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ा सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.