एशियाई बाजारों में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। टेक शेयरों में खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। भारतीय निवेशकों के लिए ग्लोबल टेक ट्रेंड और फेड की ब्याज दरों के संकेत अब सबसे महत्वपूर्ण हैं।
मंगलवार को एशियाई स्टॉक मार्केट में रौनक लौट आई। मार्केट में यह जोश Meta Platforms के नए AI असिस्टेंट को लेकर मिले सकारात्मक रिस्पॉन्स की वजह से आया है, जिससे टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ गई है। भारतीय आईटी कंपनियों के लिए यह अच्छी खबर है, क्योंकि ग्लोबल क्लाइंट्स के एआई (AI) और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर खर्च बढ़ाने से भारतीय आईटी सेक्टर को भी फायदा मिल सकता है।
कच्चे तेल का गणित
कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के आसपास स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, ये कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं, जो भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें देश के करंट अकाउंट और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं।
फेड का रुख और मार्केट रिस्क
ग्लोबल स्तर पर सतर्कता का माहौल है। US Federal Reserve की महंगाई को लेकर सख्त पॉलिसी के कारण अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ने की 56% संभावना जताई जा रही है। ऐसी सख्ती से ग्लोबल लिक्विडिटी प्रभावित हो सकती है और उभरते बाजारों (Emerging Markets) से विदेशी निवेश बाहर जा सकता है। निवेशकों की नजर अब US-China समिट पर भी है, जिससे ग्लोबल सेंटीमेंट में बड़े बदलाव आ सकते हैं।
करेंसी मार्केट में हलचल
करेंसी मार्केट में जापानी येन (157.39 के स्तर पर) का दबाव निवेशकों के लिए चिंता का कारण है। Bank of Japan द्वारा दरें बढ़ाने के बावजूद येन पर दबाव बना हुआ है, जो ग्लोबल कैरी ट्रेड और वित्तीय स्थिरता के लिए एक अहम फैक्टर है। फिलहाल, टेक-लीड रैली कितनी देर टिकेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
