Delhi Protest Deepfakes: सेना और PIB का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान से रची जा रही साजिश!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Delhi Protest Deepfakes: सेना और PIB का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान से रची जा रही साजिश!

भारतीय सेना और PIB ने पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क द्वारा फैलाई जा रही AI-जनित डीपफेक और फर्जी वीडियोज़ का पर्दाफाश किया है। इन वीडियोज़ में रक्षा अधिकारियों के नाम पर झूठे बयान गढ़े गए और सेना की तैनाती की अफवाहें फैलाई गईं। एजेंसियां जनता से केवल आधिकारिक चैनलों पर भरोसा करने की अपील कर रही हैं।

Detailed Coverage

AI का दुरुपयोग कर फैलाई जा रही झूठी खबरें

भारतीय सेना और प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने मिलकर एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। इन एजेंसियों ने दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर फैलाई जा रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा तैयार की गई डीपफेक और फर्जी वीडियोज़ को लेकर चेतावनी जारी की है। जांच में पता चला है कि ये फैलायी जा रही भ्रामक खबरें पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क द्वारा की जा रही हैं।

रक्षा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को बनाया निशाना

आधिकारिक फैक्ट-चेक यूनिट्स ने कई ऐसे मामलों की पहचान की है जहाँ AI का इस्तेमाल करके असली फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई। एक ऐसे ही मामले में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर एक डीपफेक वीडियो वायरल किया गया, जिसमें छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ बल प्रयोग की झूठी बात कही गई थी। सेना और PIB ने स्पष्ट किया है कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसमें ऑडियो व कैप्शन दोनों को गलत जानकारी फैलाने के लिए बदला गया है।

सिर्फ रक्षा मंत्री ही नहीं, बल्कि सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी निशाना बनाया गया। पूर्व आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी और एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह के नाम पर भी प्रदर्शनों को लेकर झूठे बयान गढ़ने वाली वीडियोज़ फैलाई गईं। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य यह झूठा नैरेटिव बनाना है कि घरेलू कानून-व्यवस्था की स्थिति में सेना शामिल है।

सुरक्षा बलों की भूमिका पर स्पष्टीकरण

तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए, अधिकारियों ने सुरक्षा बलों की वास्तविक भूमिका पर भी स्पष्टीकरण दिया है। सेना ने दोहराया है कि वह दिल्ली विरोध प्रदर्शनों के प्रबंधन में शामिल नहीं है। राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पूरी तरह से दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की है।

PIB ने कथित हताहतों की अफवाहों पर भी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया कि इन अफवाहों को न केवल AI, बल्कि पुरानी और असंबंधित वीडियोज़ को गलत संदर्भ में पेश करके भी हवा दी जा रही है।

सुनियोजित दुष्प्रचार का पैटर्न

भारतीय सेना के फैक्ट चेक सेल के अनुसार, यह दुष्प्रचार एक अत्यंत सुनियोजित पैटर्न का पालन करता है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी संस्थानों और सशस्त्र बलों में जनता के भरोसे को कम करना है, खासकर संवेदनशील घरेलू घटनाओं के दौरान भ्रम फैलाकर। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का फायदा उठाकर, ये नेटवर्क जनमत को प्रभावित करने और अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनवेरिफाइड सोशल मीडिया कंटेंट पर विश्वास न करें। PIB और कानून प्रवर्तन एजेंसियां इन डिजिटल खतरों पर लगातार नजर रख रही हैं और आगे की जानकारी जारी करेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.