संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (UN WFP) ने अफगानिस्तान में बच्चों में भुखमरी के रिकॉर्ड-तोड़ मामले सामने आने की चेतावनी दी है। देश के 12 प्रांतों में लगभग **37 लाख** बच्चे इस गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं, जिसका मुख्य कारण फंड की भारी कमी है।
कुपोषण का विकराल रूप
UN WFP की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में बच्चों के बीच कुपोषण की स्थिति चिंताजनक रूप से बिगड़ गई है। अगस्त 2026 तक, देश के 12 प्रांतों में यह संकट अपने चरम पर पहुंच गया है, जो एजेंसी के इतिहास में दर्ज सबसे ज़्यादा मामले हैं। इस गंभीर कुपोषण का सामना लगभग 37 लाख बच्चे और 12 लाख गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं कर रही हैं। देश स्वास्थ्य आपात स्थितियों के सबसे जोखिम भरे मौसम में प्रवेश कर चुका है।
मानवीय सहायता में कटौती का असर
इस भयावह स्थिति के बढ़ने का सीधा संबंध मानवीय सहायता के लिए मिलने वाले फंड में भारी कटौती से है। WFP ने बताया कि 2025 में फंड की कमी के कारण 142 स्वास्थ्य केंद्रों को बंद करना पड़ा, जिससे हजारों बच्चों को ज़रूरी पोषण सहायता नहीं मिल पा रही है। एजेंसी ने अगले छह महीनों के लिए अपने ऑपरेशंस को स्थिर रखने के लिए 54 करोड़ अमेरिकी डॉलर की तत्काल अपील की है। अगर यह फंड नहीं मिला, तो WFP को अगस्त और अक्टूबर के बीच सबसे गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में भोजन वितरण रोकना पड़ेगा, जिससे ज़रूरतमंद लोगों तक उसकी पहुंच घटकर सिर्फ सात में से एक रह जाएगी।
सप्लाई चेन और व्यापार पर दबाव
मानवीय स्थिति के साथ-साथ, अफगानिस्तान को सप्लाई चेन में रुकावटों और पड़ोसी देशों के साथ लंबी सीमा बंदी जैसी परिचालन संबंधी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। इन लॉजिस्टिक बाधाओं ने विशेष पोषण उत्पादों की डिलीवरी को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे वंचित आबादी महीनों तक इलाज से वंचित रह गई है। मुख्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें और पड़ोसी देशों से अफगान नागरिकों की बड़े पैमाने पर वापसी के आर्थिक प्रभाव ने स्थानीय संसाधनों पर और भी दबाव डाल दिया है।
क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक परिदृश्य
दक्षिण एशियाई भू-राजनीतिक रुझानों के निवेशकों और पर्यवेक्षकों के लिए, अफगानिस्तान की बिगड़ती स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जोखिम पैदा करती है। लगातार बनी रहने वाली मानवीय आपात स्थितियां वस्तुओं के प्रवाह और व्यापार मार्गों की व्यवहार्यता को प्रभावित कर सकती हैं, जो इस क्षेत्र में एक स्थिर सुरक्षा वातावरण पर निर्भर करते हैं। हालांकि यह एक मानवीय आपात स्थिति है, न कि कोई कॉर्पोरेट घटना, फिर भी अस्थिरता और सामाजिक सुरक्षा नेट की विफलता क्षेत्रीय आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण चिंताएं बनी हुई हैं। बाजार सहभागियों और क्षेत्रीय हितधारकों द्वारा इन विकासों पर अक्सर नज़र रखी जाती है, क्योंकि ये दीर्घकालिक व्यापार संबंधों और व्यापक मध्य एशियाई क्षेत्र में बुनियादी ढांचा निवेश की सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।
