मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत द्वारा वित्तपोषित ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (GMCP) की जमकर तारीफ की है। यह प्रोजेक्ट Afcons Infrastructure Ltd के लिए एक बड़ा ऑर्डर है और अब तक **75%** से ज्यादा काम पूरा हो चुका है, जिससे निवेशकों की नजर इसके **2027** तक पूरा होने की समयसीमा पर है।
कूटनीतिक संबंधों में नया मोड़
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के हालिया बयानों ने भारत और मालदीव के कूटनीतिक रिश्तों में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत दिया है। भारत के सहयोग से चल रहे इस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को 'दोस्ती की मिसाल' बताकर प्रशासन ने पुरानी कटुता को पीछे छोड़ दिया है। यह खबर भारतीय निवेशकों के लिए अहम है क्योंकि Afcons Infrastructure Ltd ही इस बड़े प्रोजेक्ट की मुख्य ठेकेदार कंपनी है।
प्रोजेक्ट का स्टेटस और फाइनेंशियल डिटेल्स
ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (GMCP) 6.7 किलोमीटर लंबा एक महत्वाकांक्षी नेटवर्क है, जिसमें पुल, सड़कें और कॉजवे शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट माले को विलिंगिली, गुलहीफलहू और थिलाफुशी जैसे द्वीपों से जोड़ेगा। इसे आर्थिक मजबूती के लिए एक्सपोर्ट-इमपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से $400 मिलियन की क्रेडिट लाइन और $100 मिलियन की ग्रांट मिली हुई है। सितंबर 2026 तक, कंस्ट्रक्शन का 75% काम पूरा हो चुका है और अब लक्ष्य इसे 2027 तक खत्म करने का है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी Afcons Infrastructure के लिए यह एक महत्वपूर्ण इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट है। कूटनीतिक माहौल में सुधार को प्रोजेक्ट के लिए एक बड़े 'स्टेबलाइजर' के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, मालदीव की आर्थिक स्थिति और कर्ज के दबाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार की नजर अब प्रोजेक्ट के अगले फेज और कंपनी द्वारा दी जाने वाली ऑफिशियल अपडेट्स पर होगी, ताकि समय पर काम पूरा होने का भरोसा बना रहे।
