यह तेजी सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव में कमी की वजह से नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स की बढ़ती मांग ने इसे और भी मजबूती दी है। Japan और South Korea के शेयर बाजारों में खास तौर पर उत्साह देखा जा रहा है। Japan का Nikkei 225 इंडेक्स 16 अप्रैल 2026 को ¥59,500 के पार जाकर एक नया रिकॉर्ड स्तर छूने में कामयाब रहा। इस शानदार परफॉरमेंस के पीछे सेमीकंडक्टर कंपनियों का बड़ा हाथ है।
TSMC (Taiwan Semiconductor Manufacturing Company) ने 2026 के लिए 30% से अधिक रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया है और अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) को बढ़ाकर $52 अरब से $56 अरब कर दिया है। वहीं, Samsung Electronics ने 2026 की पहली तिमाही में अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profit) में 8 गुना उछाल का अनुमान लगाया है, जिसका मुख्य कारण HBM (High-Bandwidth Memory) चिप्स की जबरदस्त मांग है। SK Hynix भी इस दौड़ में पीछे नहीं है, और इसके आने वाले नतीजे टेक सेक्टर पर असर डाल सकते हैं। इन सब सकारात्मक खबरों के बीच MSCI Asia Pacific Index में 0.8% का इजाफा देखने को मिला।
TSMC का मार्केट कैप (Market Cap) $1.93 ट्रिलियन के करीब पहुंच गया है, और इसका P/E रेशियो (Price-to-Earnings Ratio) 30-35 के बीच है, जो बाजार के औसत 38.62 से कम है। Samsung Electronics, जिसका वैल्यूएशन करीब $925.425 अरब है, का फॉरवर्ड P/E रेशियो लगभग 5.52 है। SK Hynix का मार्केट कैप लगभग $546.22 अरब है और इसका फॉरवर्ड P/E रेशियो भी बहुत कम 5.33 है। यह दिखाता है कि आगे चलकर इन कंपनियों के मुनाफे में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। कुल मिलाकर, ग्लोबल AI चिप मार्केट 2034 तक $137.58 अरब तक पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा, कमजोर येन (Weak Yen) भी जापानी एक्सपोर्टर्स के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।
हालांकि, इस जोरदार तेजी के बीच कुछ चिंताएं भी हैं। AI पर बाजार का बहुत ज्यादा फोकस एक तरह का कंसंट्रेशन रिस्क (Concentration Risk) पैदा करता है। अगर AI की रफ्तार धीमी हुई या टेक्नोलॉजी में कोई बड़ा बदलाव आया, तो इसका बुरा असर पड़ सकता है। पर्सनल कंप्यूटिंग डिवाइस और स्मार्टफोन जैसे दूसरे टेक सेग्मेंट्स में ग्रोथ धीमी बनी हुई है। मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव भी एक अनिश्चितता का कारण बना हुआ है, जो सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है। कुछ एनालिस्ट SK Hynix जैसी कंपनियों के वैल्यूएशन पर भी सवाल उठा रहे हैं, जो शायद 'Significantly Overvalued' हो सकती हैं।
आगे चलकर, एनालिस्ट्स का मानना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार निवेश के कारण सेमीकंडक्टर सेक्टर में मजबूती बनी रहेगी। AI का लॉन्ग-टर्म ट्रेंड एडवांस्ड सेमीकंडक्टर्स की मांग को मजबूत रखेगा। कंपनियां प्रोडक्शन और R&D बढ़ा रही हैं, और 2030 तक स्थिर ग्रोथ की उम्मीद है। ऐसे में, यह संभव है कि AI से जुड़ी टेक्नोलॉजीज आगे बढ़ती रहें, जबकि अन्य सेग्मेंट्स को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
