फैसलाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 92 सिख तीर्थयात्री फंस गए हैं। ये यात्री श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए भारत आने वाले थे, लेकिन अनिवार्य एनओसी (NOC) और वापसी के टिकट न होने के कारण उन्हें विमान में चढ़ने से रोक दिया गया।
भारत आने की तैयारी कर रहे 92 पाकिस्तानी सिख तीर्थयात्रियों को उस समय गहरा झटका लगा जब उन्हें 11 सितंबर, 2026 को फैसलाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। ये सभी यात्री श्री हेमकुंड साहिब और भारत के अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए जाने वाले थे, लेकिन फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने अनिवार्य 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) और वापसी के टिकट न होने का हवाला देते हुए उन्हें बोर्डिंग से मना कर दिया।
प्रोटोकॉल से हटकर बनी मुश्किल
हालांकि इन यात्रियों के पास भारत के लिए वैध वीजा मौजूद था, लेकिन उन्होंने यह पूरी यात्रा व्यक्तिगत स्तर पर आयोजित की थी। आमतौर पर ऐसी यात्राओं का संचालन 'पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी' (PSGPC) के माध्यम से होता है। इस बार उन्होंने अटारी-वाघा बॉर्डर पर पाबंदियों के कारण खाड़ी देशों (Gulf) के रास्ते भारत जाने का रूट चुना था, जो अब एक प्रशासनिक पेचीदगी में बदल गया है।
आर्थिक नुकसान और अनिश्चितता
इस घटना के कारण तीर्थयात्रियों को अपने नॉन-रिफंडेबल टिकट गंवाने पड़े हैं, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। फिलहाल, यात्री अटारी-वाघा लैंड रूट से यात्रा करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं, बशर्ते उन्हें जरूरी अनुमति मिल जाए। अब सबकी नजरें 'इवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड' (Evacuee Trust Property Board) पर टिकी हैं, जो इस मामले में किसी विशेष छूट (Waiver) पर विचार कर रहा है।
