Health Insurance: 'कैशलेस' का मतलब 'मुफ्त इलाज' नहीं, अस्पताल के बिल में छिपा है बड़ा रिस्क

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Health Insurance: 'कैशलेस' का मतलब 'मुफ्त इलाज' नहीं, अस्पताल के बिल में छिपा है बड़ा रिस्क

हेल्थ इंश्योरेंस में 'कैशलेस' सुविधा का मतलब पूरा भुगतान नहीं है। डिस्चार्ज के वक्त मरीजों को अक्सर नॉन-मेडिकल खर्च और रूम रेंट जैसे छुपे हुए बिलों का सामना करना पड़ता है।

बहुत से लोग 'कैशलेस' हेल्थ इंश्योरेंस को यह समझ लेते हैं कि अस्पताल का सारा खर्च बीमा कंपनी उठाएगी। असल में, यह केवल एक पेमेंट का तरीका है, न कि पूरी पेमेंट की गारंटी। यह सुविधा सिर्फ उन्हीं खर्चों पर लागू होती है जो आपकी पॉलिसी के नियमों के दायरे में आते हैं।

बिलिंग काउंटर पर छुपे हुए खर्च

डिस्चार्ज के समय मरीजों को सबसे बड़ा झटका तब लगता है जब उन्हें उन चीजों के लिए बिल थमाया जाता है, जिन्हें बीमा कंपनी देने से मना कर देती है। इसमें ग्लव्स, मास्क, पीपीई किट, एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज और रजिस्ट्रेशन फीस जैसे 'नॉन-पेबल' आइटम शामिल होते हैं। ये चीजें इलाज का हिस्सा नहीं मानी जातीं, इसलिए इनका भुगतान मरीज को अपनी जेब से ही करना पड़ता है।

रूम रेंट और पॉलिसी लिमिट का असर

अक्सर पॉलिसी में 1% सम इंश्योर्ड जैसी रूम रेंट की लिमिट तय होती है। अगर आप तय लिमिट से महंगे कमरे का चुनाव करते हैं, तो इंश्योरेंस कंपनियां 'प्रोपोर्शनेट डिडक्शन' का नियम लागू कर देती हैं। इसमें न केवल रूम रेंट, बल्कि सर्जरी और दवाओं का खर्च भी उसी अनुपात में काट लिया जाता है, जिससे क्लेम की रकम काफी कम हो जाती है।

अस्पताल में जमा राशि और हकीकत

कैशलेस सुविधा होने के बावजूद, अस्पताल अक्सर भर्ती के समय डिपॉजिट की मांग करते हैं। ऐसा इसलिए होता है ताकि वे क्लेम रिजेक्शन या एक्स्ट्रा खर्चों के जोखिम से खुद को सुरक्षित रख सकें। अंतिम बिल बनने के बाद अगर इंश्योरेंस से मिलने वाली रकम और अस्पताल के बिल में कोई अंतर (Shortfall) होता है, तो वह रकम मरीज को खुद ही चुकानी पड़ती है।

उम्मीदों को मैनेज करना जरूरी

इमरजेंसी में आर्थिक तनाव से बचने के लिए पॉलिसी के डॉक्यूमेंट को पहले ही ध्यान से पढ़ें। इसमें मौजूद को-पेमेंट और डिडक्टिबल्स जैसी शर्तों को समझें। कैशलेस सुविधा आपकी सुविधा के लिए है, लेकिन इसके बावजूद आपको हमेशा थोड़े पैसे बैकअप के तौर पर रखने चाहिए ताकि बिल के उन हिस्सों को कवर किया जा सके जो इंश्योरेंस के दायरे में नहीं आते।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.