Welspun Living: गुजरात बाढ़ का बड़ा असर, कंपनी ने ठोका **₹1,000 करोड़** का इंश्योरेंस क्लेम

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Welspun Living: गुजरात बाढ़ का बड़ा असर, कंपनी ने ठोका **₹1,000 करोड़** का इंश्योरेंस क्लेम

गुजरात में आई भीषण बाढ़ के चलते Welspun Living को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। कंपनी ने अपने वापी प्लांट में हुए नुकसान के लिए **₹1,000 करोड़** का इंश्योरेंस क्लेम फाइल किया है।

गुजरात में हाल ही में आई बाढ़ ने औद्योगिक सेक्टर की कमर तोड़ दी है। इस आपदा के कारण बीमा क्षेत्र (Insurance sector) पर कुल ₹5,000 करोड़ से ज्यादा के क्लेम का बोझ पड़ने का अनुमान है। Welspun Living का वापी प्लांट 23 जुलाई से बाढ़ की चपेट में था, जिसके बाद कंपनी ने अपनी मशीनों और संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए ₹1,000 करोड़ का बड़ा दावा पेश किया है।

इंश्योरेंस सेक्टर में बदलाव की आहट

इस घटना ने पूरे इंश्योरेंस मार्केट को सतर्क कर दिया है। अब तक कंपनियां कम प्रीमियम पर अपनी प्रॉपर्टी और फायर पॉलिसी ले लेती थीं, लेकिन अब बीमा कंपनियां रिस्क असेसमेंट को लेकर सख्त हो रही हैं। माना जा रहा है कि भविष्य में उन कंपनियों को ज्यादा प्रीमियम देना पड़ सकता है जो बाढ़ प्रवण (flood-prone) इलाकों में स्थित हैं।

ग्लोबल मार्केट का दबाव

इस बदलाव के पीछे ग्लोबल री-इंश्योरेंस (Re-insurers) का हाथ है। अगर वैश्विक स्तर पर री-इंश्योरेंस की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर भारत की कंपनियों पर पड़ेगा, जिन्हें अब 'रिस्क-बेस्ड' प्रीमियम का भुगतान करना पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए संकेत

इस पॉलिसी में HDFC ERGO लीड इंश्योरर है, जिसके पास लगभग 30% तक का रिस्क कवर है। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या आने वाले समय में इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ने से कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा या नहीं। साथ ही, कंपनी की ओर से क्लेम सेटलमेंट की टाइमलाइन पर भी बाजार की निगाहें टिकी रहेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.