Waiver of Premium (WOP) राइडर आपके ULIP जैसे निवेश को देता है एक सुरक्षा कवच। पॉलिसीहोल्डर की मृत्यु के बाद भी यह भविष्य के सभी प्रीमियम का भुगतान करता है, जिससे आपके परिवार का निवेश अधूरा नहीं रहता।
लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों, जैसे बच्चों की पढ़ाई या रिटायरमेंट प्लानिंग करते समय, हम अक्सर यही मान लेते हैं कि हम पूरे समय प्रीमियम भरने के लिए मौजूद रहेंगे। लेकिन, अगर मुख्य कमाऊ सदस्य की असामयिक मृत्यु हो जाए, तो परिवार के लिए प्रीमियम जारी रखना एक बड़ी चुनौती बन जाती है। आम तौर पर, ऐसी स्थिति में इन्वेस्टमेंट अकाउंट बंद हो जाता है और परिवार को केवल डेथ बेनिफिट मिलता है, जिससे मूल लक्ष्य हासिल नहीं हो पाता।
कैसे काम करता है Waiver of Premium (WOP) राइडर?
WOP राइडर मुख्य रूप से ULIPs के साथ जोड़ा जाने वाला एक ऑप्शनल फीचर है। यह एक फाइनेंशियल सेफ्टी नेट की तरह काम करता है। यदि पॉलिसी की अवधि खत्म होने से पहले पॉलिसीहोल्डर की मृत्यु हो जाती है, तो बीमा कंपनी बाकी के सभी प्रीमियम का भुगतान खुद करती है। चूंकि प्रीमियम का भुगतान कंपनी करती है, इसलिए निवेश अकाउंट चालू रहता है और बढ़ता रहता है। नतीजतन, पॉलिसी अपनी मैच्योरिटी तक पहुंच जाती है और परिवार को पूरा कॉर्पस मिलता है।
क्या यह वाकई जरूरी है?
WOP राइडर मानसिक शांति तो देता है, लेकिन यह मुफ्त नहीं है। इसे जोड़ने से पॉलिसी की कुल लागत बढ़ जाती है। इसे लेने से पहले आपको अपनी कुल इंश्योरेंस कवरेज और राइडर की लागत की तुलना जरूर करनी चाहिए। कई फाइनेंशियल प्लानर्स का मानना है कि यदि आपके पास पहले से ही पर्याप्त Term Life Insurance है, तो परिवार को मिलने वाली राशि से निवेश को जारी रखा जा सकता है। इसलिए, इसे अनिवार्य मानने के बजाय अपने पोर्टफोलियो की जरूरत के हिसाब से चुनें।
निवेशकों के लिए जरूरी सुझाव
पॉलिसी चुनते समय इसके बारीक नियमों (Terms and Conditions) को ध्यान से पढ़ें। अलग-अलग बीमा कंपनियों के नियम अलग हो सकते हैं। इसके अलावा, मैनेजमेंट चार्जेस और राइडर की अतिरिक्त लागत पर भी नजर रखें। इसे सिर्फ मार्केटिंग के चक्कर में न चुनें, बल्कि यह देखें कि क्या यह आपकी लंबी अवधि की फाइनेंशियल जरूरतों के साथ मेल खा रहा है या नहीं।
