विदेश यात्रा महंगी? भारतीय खरीद रहे 22% ज़्यादा Travel Insurance, कवरेज भी बढ़ाई!

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AuthorMehul Desai|Published at:
विदेश यात्रा महंगी? भारतीय खरीद रहे 22% ज़्यादा Travel Insurance, कवरेज भी बढ़ाई!
Overview

विदेश यात्रा पर जाने वाले भारतीयों में Travel Insurance खरीदने का चलन तेज़ी से बढ़ा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल **22%** ज़्यादा लोगों ने अपनी यात्रा के लिए बीमा कवर लिया है। यह बढ़ोतरी लोगों की बढ़ती जागरुकता और यात्रा के दौरान आने वाले ज़्यादा खर्चों व अनिश्चितताओं से बचाव की ज़रूरत को दिखाती है। यात्री अब सिर्फ बेसिक कवर नहीं, बल्कि ज़्यादा कवरेज वाली पॉलिसियां चुन रहे हैं और एशिया-प्रशांत क्षेत्र को ज़्यादा तवज्जो दे रहे हैं।

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भारतीयों का बदलता नज़रिया: ज़्यादा कवरेज की मांग

भारतीय यात्रियों का विदेश यात्रा के प्रति नज़रिया बदल रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार 22% ज़्यादा लोगों ने अपनी विदेश यात्रा के लिए Travel Insurance खरीदा है। यह रुझान सिर्फ यात्रा की योजना बनाने से आगे बढ़कर, जोखिमों का सक्रिय रूप से प्रबंधन करने की ओर इशारा करता है।

Policybazaar.com की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री अब साधारण पॉलिसियों से आगे बढ़कर $250,000 (लगभग ₹2 करोड़) से ज़्यादा की कवरेज वाली पॉलिसियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिनकी मांग दोगुनी हो गई है। बढ़ते मेडिकल खर्चों, अचानक देश वापसी (evacuation) की ज़रूरत और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, लोग पूरी सुरक्षा चाहते हैं। सबसे ज़्यादा 75% लोग मेडिकल कवरेज चुन रहे हैं, जबकि 50% के करीब ट्रिप कैंसिलेशन और 40% के आसपास इवैक्यूएशन कवर की मांग कर रहे हैं। फ्लाइट में देरी या व्यवधान जैसे छोटे-मोटे जोखिमों के लिए भी बीमा की मांग बढ़ रही है।

डेस्टिनेशन में बदलाव: एशिया पर फोकस बढ़ा

इस बीच, यात्रियों के डेस्टिनेशन चुनने के तरीके में भी बड़ा बदलाव आया है। लोग अब नज़दीकी अंतर्राष्ट्रीय स्थलों, खासकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र की ओर ज़्यादा रुख कर रहे हैं। जापान में बुकिंग 17% बढ़ी, जबकि थाईलैंड में 12% और वियतनाम में 7% की बढ़ोतरी देखी गई। सिंगापुर और मलेशिया में भी मांग स्थिर रही, और श्रीलंका एक सस्ता विकल्प बनकर उभरा है। यह बदलाव ऊंचे एयरफेयर और लंबी यात्राओं पर पड़ने वाले असर के कारण है। वहीं, क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के चलते UAE की यात्रा में 70% से ज़्यादा की गिरावट आई है। एयरफेयर में अनुमानित 20-25% की बढ़ोतरी के साथ, भारतीय छोटे और नज़दीकी डेस्टिनेशन को तरजीह दे रहे हैं।

फुल प्रोटेक्शन की चाहत

यह सिर्फ डेस्टिनेशन का बदलाव नहीं, बल्कि बीमा की रकम भी बढ़ा रहे हैं। $250,000 से ज़्यादा की कवरेज की दोगुनी मांग, विदेश में अप्रत्याशित मेडिकल बिलों और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को लेकर बढ़ी चिंता को दर्शाती है। यात्री अब बीमा को मेडिकल इमरजेंसी और वैश्विक जोखिमों से बचाव का एक अनिवार्य हिस्सा मान रहे हैं।

मार्केट का जायजा और भविष्य

इस डेटा का स्रोत Policybazaar.com है, जो भारत का टॉप डिजिटल इंश्योरेंस मार्केटप्लेस है और 93% मार्केट शेयर रखता है। इसकी पैरेंट कंपनी PB Fintech का मूल्यांकन मई 2026 तक करीब ₹76,344 करोड़ था। इस कॉम्पिटिटिव मार्केट में ICICI Lombard जैसे खिलाड़ी भी हैं, जिनका सॉल्वेंसी रेशियो 2.67x है। Go Digit 51.5x-55.29x के P/E रेशियो पर ट्रेड कर रहा है, वहीं Acko General Insurance 2021 में $1.1 बिलियन के वैल्यूएशन के साथ यूनिकॉर्न बनी। भारतीय Travel Insurance मार्केट के 10.43% से 16.95% की सालाना ग्रोथ दर से बढ़कर 2031 तक $2.12 बिलियन और 2034 तक $6.64 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।

चुनौतियां और जोखिम

हालांकि, इस ग्रोथ के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। बढ़ते एयरफेयर (घरेलू उड़ानों में 38% और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में 13% की बढ़ोतरी) और आम महंगाई, बजट यात्रियों की बीमा पसंद को प्रभावित कर सकती है। इंश्योरेंस कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। एशिया के कुछ देशों पर ज़्यादा निर्भरता भी क्षेत्रीय अस्थिरता के जोखिम को बढ़ाती है, जैसा कि UAE यात्रा में आई भारी गिरावट से दिखा। छोटे शहरों में बीमा की कम पैठ और इसे एक अनावश्यक खर्च मानने की सोच भी चुनौती बनी हुई है।

आगे क्या?

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दशक में भारतीय Travel Insurance मार्केट में डबल-डिजिट ग्रोथ जारी रहेगी। बढ़ती आय, यात्रियों की बदलती उम्मीदें और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच वित्तीय सुरक्षा की ज़रूरत इस ग्रोथ को बढ़ावा देगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म आसान पहुंच सुनिश्चित करेंगे। हालांकि, भविष्य की ग्रोथ आर्थिक चुनौतियों से निपटने, प्रतिस्पर्धा को संभालने और इस अस्थिर दुनिया में Travel Insurance के अहम मूल्य को स्पष्ट रूप से दर्शाने पर निर्भर करेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.