Health Insurance: टियर-2 और 3 शहरों में हेल्थ इंश्योरेंस की धूम, नए खरीदारों में **351%** का उछाल

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Health Insurance: टियर-2 और 3 शहरों में हेल्थ इंश्योरेंस की धूम, नए खरीदारों में **351%** का उछाल

भारत में हेल्थ इंश्योरेंस का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। बड़े महानगरों के बजाय अब टियर-2 और 3 शहरों से डिमांड में **351%** की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत है।

भारत का हेल्थ इंश्योरेंस मार्केट एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। छोटे शहर अब इस इंडस्ट्री के लिए 'ग्रोथ इंजन' बन चुके हैं। FY22 से FY26 के बीच, टियर-2 और 3 शहरों से पहली बार हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या में 351% का बड़ा इजाफा हुआ है। अब कुल नए पॉलिसी होल्डर्स में इन शहरों का हिस्सा बढ़कर 67% हो गया है, जो कि FY22 में 56% था।

बढ़ रहा है इंश्योरेंस कवर का दायरा

सिर्फ ग्राहक ही नहीं बढ़े, बल्कि पॉलिसी की वैल्यू भी काफी ऊपर गई है। पहली बार इंश्योरेंस लेने वाले ग्राहकों का औसत 'सम इंश्योर्ड' FY22 के ₹6.3 लाख से बढ़कर FY26 में ₹13.1 लाख तक पहुंच गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 68% नई पॉलिसियों में अब ₹10 लाख या उससे ज्यादा का कवरेज मिल रहा है, जो चार साल पहले मात्र 32% था। यह साफ दिखाता है कि छोटे शहरों के लोग मेडिकल महंगाई को लेकर अब काफी जागरूक हो गए हैं।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

छोटे शहरों में विस्तार इंश्योरेंस कंपनियों के लिए अवसर और चुनौती दोनों लेकर आया है। जनरल इंश्योरर्स और स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के बीच कड़ी टक्कर है। निवेशकों को यह देखना चाहिए कि कौन सी कंपनी इन नए बाजारों में क्लेम सेटलमेंट (Claim Settlement) को कितनी आसानी से मैनेज कर पा रही है।

डिजिटल पहुंच के कारण पॉलिसी बेचना तो आसान हो गया है, लेकिन असली टेस्ट नेटवर्क हॉस्पिटल्स की उपलब्धता है। छोटे शहरों में कैशलेस क्लेम की सुविधा अगर बेहतर नहीं हुई, तो कंपनियों की साख और रिटेंशन रेट पर बुरा असर पड़ सकता है।

जेंडर गैप एक बड़ी चुनौती

एक दिलचस्प बात यह है कि हालांकि 26-45 आयु वर्ग के लोग सबसे ज्यादा पॉलिसी ले रहे हैं, लेकिन खरीदारों में पुरुषों की हिस्सेदारी 82% से ज्यादा है। यदि कंपनियां महिलाओं को ध्यान में रखकर उत्पाद (Products) तैयार करें, तो मार्केट का साइज और भी बड़ा हो सकता है। कंपनियों की लंबी अवधि की सफलता इसी पर निर्भर करेगी कि वे मार्जिन को बनाए रखते हुए छोटे शहरों में क्लेम की जटिलताओं को कितनी मजबूती से संभालती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.